Sunday, January 17, 2021
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Sri Lanka v England: first Test, day four – live updates from Galle!

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WICKET! Mathews c Root b Leach 71 (Sri Lanka all out 359) England need 74 to win!




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WICKET! Perera st Buttler b Leach 24 (Sri Lanka 352-9)




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REVIEW IN PROGRESS…




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WICKET! Hasaranga c Root b Leach 12 (Sri Lanka 314-8)




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WICKET! Shanaka b Leach 4 (Sri Lanka 296-7)

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WICKET! Dickwella c Buttler Bess 29 (Sri Lanka 291-6)




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महिला की ट्रेन से टकराने से मौत, घटना CCTV में कैद|hoshangabad Videos in Hindi – हिंदी वीडियो, लेटेस्ट-ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी वीडियो में

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महिला की ट्रेन से टकराने से मौत, घटना CCTV में कैद|hoshangabad Videos in Hindi - हिंदी वीडियो, लेटेस्ट-ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी वीडियो में
चिंता के विचार आपकी ख़ुशी को बर्बाद कर सकते हैं। ऐसा न होने दें, क्योंकि इनमें अच्छी चीज़ों को ख़त्म करने की और समझदारी में निराशा का ज़हरीला बीज बोने की क्षमता होती है। ख़ुद को हमेशा अच्छा परिणाम पाने के लिए प्रोत्साहित करें और ख़राब हालात में भी कुछ-न-कुछ अच्छा देखने का गुण विकसित करें। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। भूमि से जुड़ा विवाद लड़ाई में बदल सकता है। मामले को सुलझाने के लिए अपने माता-पिता की मदद लें। उनकी सलाह से काम करें, तो आप निश्चित तौर पर मुश्किल का हल ढूंढने में क़ामयाब रहेंगे। किसी से अचानक हुई रुमानी मुलाक़ात आपका दिन बना देगी। काम के लिए समर्पित पेशेवर लोग रुपये-पैसे और करिअर के मोर्चे पर फ़ायदे में रहेंगे। सफ़र के लिए दिन ज़्यादा अच्छा नहीं है। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है। स्वयंसेवी कार्य या किसी की मदद करना आपकी मानसिक शांति के लिए अच्छे टॉनिक का काम कर सकता है। परेशान? आप पंडित जी से प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।

Assam में वन अधिकारियों के पीछे पड़ा Rhino, देखिए वीडियो|viral Videos in Hindi – हिंदी वीडियो, लेटेस्ट-ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी वीडियो में

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Assam में वन अधिकारियों के पीछे पड़ा Rhino, देखिए वीडियो
चिंता के विचार आपकी ख़ुशी को बर्बाद कर सकते हैं। ऐसा न होने दें, क्योंकि इनमें अच्छी चीज़ों को ख़त्म करने की और समझदारी में निराशा का ज़हरीला बीज बोने की क्षमता होती है। ख़ुद को हमेशा अच्छा परिणाम पाने के लिए प्रोत्साहित करें और ख़राब हालात में भी कुछ-न-कुछ अच्छा देखने का गुण विकसित करें। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। भूमि से जुड़ा विवाद लड़ाई में बदल सकता है। मामले को सुलझाने के लिए अपने माता-पिता की मदद लें। उनकी सलाह से काम करें, तो आप निश्चित तौर पर मुश्किल का हल ढूंढने में क़ामयाब रहेंगे। किसी से अचानक हुई रुमानी मुलाक़ात आपका दिन बना देगी। काम के लिए समर्पित पेशेवर लोग रुपये-पैसे और करिअर के मोर्चे पर फ़ायदे में रहेंगे। सफ़र के लिए दिन ज़्यादा अच्छा नहीं है। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है। स्वयंसेवी कार्य या किसी की मदद करना आपकी मानसिक शांति के लिए अच्छे टॉनिक का काम कर सकता है। परेशान? आप पंडित जी से प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।

… तो यूपी के सभी कॉलेज छात्रों को जाना चाहिए जेल, जानिए राज्यपाल ने क्यों कहा ऐसा

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एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 17 Jan 2021 12:53 PM IST

File Photo : एक कार्यक्रम में भाषण देतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
– फोटो : अमर उजाला

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उत्तर प्रदेश में सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेज छात्रों को जेल जाना चाहिए। यह बात उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने कही है। हैरान मत होइए, यह कोई सजा देने का मामला नहीं है। यह शोध परक अध्ययन को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को एक बेहतर नागरिक बनाने के लिए राज्यपाल की ओर से दिया गया एक सुझाव है। एक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह सुझाव दिए हैं। 

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को एकेटीयू यानी डॉ एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए नारी निकेतन और जेलों की यात्रा की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि वे उन परिस्थितियों को सीखें, जिनके तहत कैदियों ने अपराध किए और विद्यार्थी भविष्य में उनकी कदमों से बच सके। 

यह भी पढ़ें : राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी ट्रंप को मानने पड़ेंगे ये सख्त नियम

सामाजिक सरोकार सिखाएं 
राज्यपाल ने एकेटीयू के 18 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, जब छात्रों को इस प्रकार का अनुभव प्राप्त होगा, तो वे अपराध करने से बचेंगे और हमारी अगली पीढ़ी स्वस्थ और मजबूत मानसिकता के साथ आगे बढ़ेगी। विश्वविद्यालयों को सामाजिक सरोकारों के बारे में बच्चों को शिक्षित करना चाहिए।

यह भी पढ़ें : इन हस्तियों ने युवावस्था में ऐसे ली थी प्रेरणा और गाड़ दिए सफलता के झंडे

बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएं  
राज्यपाल ने कहा कि जेलों और नारी निकेतन में छात्र-छात्राओं के जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि वे जान सकें कि उन्होंने किन परिस्थितियों में अपराध किए और उसके परिणास्वरुप वे जेल में आए। इस अवसर पर राज्यपाल ने कुलपति को सभी छात्र-छात्राओं का रक्त परीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, हमें अपनी बेटियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है। इसलिए, उन्हें कुपोषण से बचाने के लिए सभी संभव उपाय करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया जाए। 

यह भी पढ़ें : Success Story: मजबूत इच्छाशक्ति ने छाताबाद की रैना को बना दिया बस्तर की सहायक जिलाधिकारी 

कौशल विकास पर ध्यान दें
राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के लिए एक विशेष अवसर है, लेकिन डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण क्षण है। विश्वविद्यालय छात्रों को इस इच्छा के साथ डिग्री प्रदान करता है कि वे अब राष्ट्र की प्रगति में सकारात्मक योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। 

यह भी पढ़ें : जानिए देश की अफसरशाही के बारे में, किस पर पद मिलते हैं क्या अधिकार

उत्तर प्रदेश में सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेज छात्रों को जेल जाना चाहिए। यह बात उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने कही है। हैरान मत होइए, यह कोई सजा देने का मामला नहीं है। यह शोध परक अध्ययन को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को एक बेहतर नागरिक बनाने के लिए राज्यपाल की ओर से दिया गया एक सुझाव है। एक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह सुझाव दिए हैं। 

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को एकेटीयू यानी डॉ एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए नारी निकेतन और जेलों की यात्रा की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि वे उन परिस्थितियों को सीखें, जिनके तहत कैदियों ने अपराध किए और विद्यार्थी भविष्य में उनकी कदमों से बच सके। 

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सामाजिक सरोकार सिखाएं 

राज्यपाल ने एकेटीयू के 18 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, जब छात्रों को इस प्रकार का अनुभव प्राप्त होगा, तो वे अपराध करने से बचेंगे और हमारी अगली पीढ़ी स्वस्थ और मजबूत मानसिकता के साथ आगे बढ़ेगी। विश्वविद्यालयों को सामाजिक सरोकारों के बारे में बच्चों को शिक्षित करना चाहिए।

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बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाएं  

राज्यपाल ने कहा कि जेलों और नारी निकेतन में छात्र-छात्राओं के जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि वे जान सकें कि उन्होंने किन परिस्थितियों में अपराध किए और उसके परिणास्वरुप वे जेल में आए। इस अवसर पर राज्यपाल ने कुलपति को सभी छात्र-छात्राओं का रक्त परीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, हमें अपनी बेटियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है। इसलिए, उन्हें कुपोषण से बचाने के लिए सभी संभव उपाय करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया जाए। 

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कौशल विकास पर ध्यान दें

राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के लिए एक विशेष अवसर है, लेकिन डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण क्षण है। विश्वविद्यालय छात्रों को इस इच्छा के साथ डिग्री प्रदान करता है कि वे अब राष्ट्र की प्रगति में सकारात्मक योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। 

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Farmers Protest: किसान नेताओं को एनआईए समन के बाद और बढ़ी ‘कड़वाहट’

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किसान आंदोलन में एनआईए समन के बाद अब ‘कड़वाहट’ और बढ़ गई है। आंदोलन से जुड़े 20 किसान नेताओं समेत करीब सौ लोगों को एनआईए ने फंडिंग से लेकर अन्य ‘लिंक’ को लेकर पूछताछ के लिए समन भेजा है। इनमें किसान नेताओं के अलावा धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रमुखों के साथ-साथ कलाकार, ट्रांसपोर्टर, आढ़तिए, पेट्रोल पंप संचालक, जत्थेदार व कई संदेह के दायरे वाले शामिल हैं।

इनसे पूछताछ के सिलसिले की शुरुआत एनआईए रविवार से अलग-अलग तारीखों पर करने जा रही है। उधर, शनिवार को ही पंजाब से जुड़े 32 किसान संगठनों की बैठक में 26 जनवरी के ट्रैक्टर परेड, एनआईए के ताजा समन, शुक्रवार की सरकार से हुई वार्ता और दसवें दौर की 19 जनवरी को होने वाली वार्ता पर चर्चा हुई। ट्रैक्टर परेड के तीन विकल्पों पर मंथन हुआ, जो सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर है।

करीब सौ को एनआईए का समन
एनआईए ने फंडिंग को लेकर करीब सौ लोगों को समन भेजा है। भाकियू डकौंदा के बूटा सिंह बुर्जगिल का दावा है कि इनमें जत्थेदार भी शामिल हैं। एनआईए समन पर पंजाब के किसान संगठनों की शनिवार की बैठक में चर्चा हुई और सरकार के रवैये पर चिंता जताई गई। तय हुआ कि सरकार से 19 की प्रस्तावित वार्ता में इस पर सवाल किए जाएंगे। पिछली बैठक मे भी आंदोलनकारी किसानों और समर्थकों पर ‘दमन’ के खिलाफ सरकार के सामने विरोध जताया गया था। तब सरकार से ‘भरोसा’ मिला था।

किसान नेताओं का मानना है कि आनन-फानन में रविवार को एनआईए ने पूछताछ के लिए तलब किया है, ताकि इसे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में आधार बनाया जा सके। इसी आधार पर सरकार सुप्रीम कोर्ट में ‘खलिस्तान की घुसपैठ’ का हलफनामा दाखिल कर सकती है। बूटा सिंह बुर्जगिल का मानना है कि सरकार और एनआईए की नोटिस के आधार पर सुप्रीम कोर्ट नोटिस देकर पक्ष जान सकता है। किसान संगनों की बैठक में इससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर मंत्रणा हुई। वे इस घटनाक्रम को आंदोलन को तोड़ने की सरकार की साजिश करार देते हैं।

ये भी तलब
एनआईए ने किसान नेता व लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी के प्रधान बलदेव सिंह सिरसा और उनके बेटे मेहताब सिंह सिरसा को रविवार 17 जनवरी को एनआईए मुख्यालय, दिल्ली में बुलाया गया है। भाकियू कादिया के नेता हरमीत सिंह कादिया को भी समन किया गया है। इनके अलावा सिख यूथ फेडरेशन भिंडरावाला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाई रणजीत सिंह दमदमी टकसाल, मनदीप सिद्धू, कलाकार दीप सिद्दू के भाई, नोहजीत सिंह बुलोवाल, प्रदीप सिंह लुधियाना, परमजीत सिंह अकाली, पलविंदर सिंह अमरकोट, गुरमत प्रचार सेवा के सुरिंदर सिंह ठिकरीवाला, बंदी सिंह रिहाई मोर्चा के नेता मोजंग सिंह लुधियाना आदि को भी एनआईए ने 21 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है।

मृत किसान परिवारों की मदद में 50-50 हजार रुपये देने, कई एनआरआई, कई आढ़तियों व ट्रांसपोटर, पेट्रोल पंप संचालकों, लंगर-खिदमत से जुड़े कुल सौ लोगों को अबतक नोटिस थमाए जा चुके हैं। पहले आयकर-ईडी ने पड़ताल की थी। अब एनआईए नोटिस के बाद जांच की सूई फंडिंग व अन्य ‘लिंक’ की तरफ घूम गई है। संदेह ‘खलिस्तान-पाकिस्तान घुसपैठ’ की ओर है। एनआरआई की आर्थिक मदद को भी परखा जा रहा है।

ट्रैक्टर परेड पर चर्चा
पंजाब के 32 किसान संगठनों की शनिवार की बैठक में 26 जनवरी के ट्रैक्टर परेड के तीन विकल्पों पर चर्चा हुई। तय हुआ कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के हिसाब से रणनीतिक बदलाव संभव है। फिलहाल तय हुआ कि संयुक्त किसान मोर्चा विधिवत रोडमैप के साथ दिल्ली पुलिस से ट्रैक्टर परेड की लिखित अर्जी देकर अनुमति मांगेगा। दूसरा विकल्प यह है कि अनुमति नहीं मिलने पर दिल्ली बॉर्डर रिंग रोड पर ही परेड किया जाए। तीसरा सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगा।

टकराव टालने के लिए ट्रैक्टर परेड पर अदालत से रोक लगाई जा सकती है। पंजाब के किसान संगठनों के इस खाके व तमाम मुद्दों पर संयुक्त किसान मोर्चा की रविवार की बैठक में देशभर के किसान संगठनों में सहमति बनेगी। इसके बाद रणनीतिक घोषणा होगी। हां, 26 जनवरी के ट्रैक्टर परेड का ‘गियर’ 18 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और 19 जनवरी को सरकार से ‘वार्ता’ के हिसाब से बदल सकता है। फिलहाल, ट्रैक्टर ‘न्यूट्रल गियर’ में है।

Auspicious Kolam drawings mark the kickoff of Biden-Harris inauguration ceremony

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Kolam, a traditional Indian art form of drawing geometric patterns on the floors as a sign of welcome, was part of the virtual kick-off ceremony of the inauguration of President-elect Joe Biden and his deputy Kamala Harris, who traces her origin to Tamil Nadu where these auspicious designs adore almost every household.

More than 1,800 individuals from across the US and many from India participated in the online initiative to create thousands of kolam designs to celebrate the historic event.

Many believe kolams symbolize positive energy and new beginnings. People of all ages from various communities collaborated from their homes to create tiles with eco-friendly materials. What started out as a local project spread way beyond our expectations, said Shanthi Chandrasekar, an award-winning multimedia and multidisciplinary artist from Maryland who took the initiative along with several others.

The initial idea was to have these kolam patterns from across the country in front of the White House as a symbol of good beginning to the new administration. The Washington DC police later gave the organizers permission to have it near the Capitol Hill, around the inauguration venue.

However, due to the unprecedented security measures that have been enforced in Washington DC, the permission was cancelled.

As a result, pictures of thousands of kolam tiles on Saturday were woven into a video to welcome Biden and Harris in the spirit of Presidency for All’ and to showcase the multi-cultural heritage of America.

A date for the installation after the inauguration will be set after a go-ahead from the local security, said Sowmya Somnath who is part of the Inauguration Kolam 2021 organizing team in her volunteer capacity.

Washington DC Public Schools arts director Mary Lambert and visual arts manager Lindsey Vance joined Chandrasekar to combine thousands of kolam drawings made by people from many different backgrounds to welcome President-elect Joe Biden when he takes office in a few days.

Hundreds of artists, citizens and students from across the country collaborated online to combine thousands of local pieces.

In Tamil Nadu, where Harris has roots, women draw kolams on the ground to invite health and prosperity into houses where they are displayed.

This is what we wanted when we planned to have thousands of kolam tiles in front of the White House, said Somnath.

Students from ten public schools in Washington DC participated in making the kolam art. Lambert said the District of Columbia Public School arts curriculum focuses on equity and believes cultural representation is an important part of that effort.

This project provided an opportunity for our students to learn about another culture and the math skills needed for creation in the arts, said Lambert. As well, an opportunity to express their identity through visual arts and to see that united with others from around the country.

Major Democratic fundraiser Shekar Narasimhan, whose niece and grandniece joined many others to make tiles for the Inauguration Kolam, supported the project. Narasimhan said the project reflects and honours the history of America. With the rise of diverse America, the energy behind this artwork is a reminder of what binds us together as Americans,he said.

I am so grateful and honoured to be able to share my love for kolams through the #2021kolam community project. The real celebrities are the children who have invested so much of themselves into beautifying the dots and the shapes around them that will come together for our collaborative welcome offering for Inauguration Kolam #2021, Chandrasekar said.

The response has been way beyond our expectations, she said. We have people send in their tiles from all the way from California, Boston, New Jersey and many places. From daycares to people in their 90s have participated in this. The response has been amazing, she said.

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PM Modi Live Updates: पीएम मोदी ने कहा- भारतीय रेल और सरदार पटेल के विजन का हुआ संगम

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 17 Jan 2021 11:54 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
– फोटो : Twitter

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खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज को गुजरात के केवडिया में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जोड़ने वाली आठ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और रेल मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे। ये ट्रेनें केवड़िया (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) से वाराणसी, दादर, अहमदाबाद, हजरत निजामुद्दीन, रीवा, चेन्नई और प्रतापनगर को जोड़ेंगी। बता दें कि केवड़िया रेलवे स्टेशन नई सुविधाओं से लैस है। यह देश का पहला ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेट वाला रेलवे स्टेशन है। आठ शहरों से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के जुड़ जाने से देश के पर्यटकों को आने में यहां काफी सुविधा हो जाएगी, वहीं राज्य के राजस्व में भी काफी वृद्धि होने की संभावना है। यहां पढ़ें इससे जुड़े अपडेट्स-

लाइव अपडेट

11:54 AM, 17-Jan-2021

रेलवे के पूरे तंत्र में व्यापक बदलाव किया गया है

  • अब जैसे केवडिया को रेल से कनेक्ट करने वाले इस प्रोजेक्ट का ही उदाहरण देखें तो इसके निर्माण में मौसम और कोरोना महामारी जैसी अनेक बाधाएं आई। लेकिन रिकॉर्ड समय में इसका काम पूरा किया गया।
  • बीते वर्षों में देश में रेलवे के पूरे तंत्र में व्यापक बदलाव करने के लिए काम किया गया। ये काम सिर्फ बजट बढ़ाना, घटाना, नई ट्रेनों की घोषणा करने तक सीमित नहीं रहा। ये परिवर्तन अनेक मोर्चों पर एक साथ हुआ है।

Analysis: A nation on edge braces for this week’s transfer of power

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Determined to stave off the terrifying scene that unfolded during the violent insurrection at the Capitol on January 6, Washington, DC — once the crown jewel of democracy admired around the world — now resembles a police state as authorities try to ensure a peaceful transfer of power when Biden takes the oath of office on Wednesday. Some 25,000 National Guard troops have been deployed, military vehicles are blocking some of DC’s streets, the National Mall is closed, and tall fences and barricades protect this country’s sacred buildings as movement is restricted.
Deep within the fortressed capital city, Trump has remained out of public view during his last weekend in power — unrepentant for the violence he incited and unwilling to abandon the false election claims that have riled up his supporters. Meanwhile, Biden tried to get Americans focused on a more hopeful future as his team outlined the first steps he will take in office to try to aid struggling Americans amid the pandemic and fulfill campaign promises on issues like climate change, criminal justice and immigration.

But with fewer than four days left in the Trump presidency, the nation remains on high alert.

In another unsettling sign of the potential threats posed by homemade bombs or explosives — like the ones planted outside the Republican and Democratic party headquarters earlier this month that didn’t go off — the US Postal Service has removed blue mail collection boxes from certain jurisdictions in 18 states as a security measure.

The National Guard presence in Washington is a stronger military footprint than the US has in Afghanistan, Iraq and Syria combined. But Maryland Sen. Chris Van Hollen said Saturday the added security was “definitely necessary and warranted.”

“Closing down the National Mall, closing down the Washington Metro system, Airbnb canceling reservations, the actions you just reported about the post office — this is as if we were under attack from a foreign enemy,” Van Hollen told CNN’s Wolf Blitzer on “The Situation Room.”

“What’s so sad about it is that it’s an attack on our democracy from within, instigated by the President of the United States,” the Maryland Democrat said. “These are the kinds of forces you would normally see protecting us from an external enemy, and yet here we are, trying to protect ourselves from a violent mob — and people who have been lied to; people who believe the President when he says he was cheated out of an election. We are going to have to come to grips with this.”

Trump's 'pro-law enforcement' image crumbles in his final days

Many state capitols are also ramping up security to avoid being caught flat-footed as US Capitol Police were on January 6. With the FBI warning last week that “armed protests” are being planned in all 50 states, Michigan State Police, for example, have mobilized personnel from across the state to secure the state Capitol in Lansing in coordination with the FBI and the National Guard.

Michigan, in particular, is familiar with the threats posed by armed protesters, who gathered last spring to demonstrate against restrictions related to Covid-19. With demonstrations expected Sunday, a fence has been erected around the state Capitol, and Lansing Mayor Andy Schor asked Michiganders to stay out of the downtown area and avoid engaging “with demonstrators who come to our city with ill intentions.”

The Michigan House and Senate have canceled sessions Tuesday through Thursday because of “credible threats.” And Airbnb is also reviewing reservations booked around Lansing during inauguration week, saying they will cancel reservations booked by guests associated with violent hate groups.

Trump’s final days

Unwilling to take responsibility for the fear that has rippled across the nation after watching the January 6 attacks, Trump remained out of sight at the White House this weekend — still stripped of the ability to communicate with his followers via major social media channels like Facebook and Twitter.

But in what appeared to be another overtly political move at the 11th hour, his administration tried install a Trump loyalist as the top lawyer at the National Security Agency — a civil servant job, not a political appointment — who would be harder to fire after Biden takes office, sources told CNN.
Trump's final full week in office ends with the nation in disarray Trump's final full week in office ends with the nation in disarray

Eschewing the customary handoff between presidents on Inauguration Day, Trump plans to head to Palm Beach, Florida, hours before Biden takes the oath of office. But Trump remains keenly interested in how he will be celebrated when he leaves the White House for the last time, contemplating a departure ceremony that could include a red carpet, a color guard, a military band and even a 21-gun salute, an administration official told CNN’s Jim Acosta.

Trump is also preoccupied in these final days with building a legal team to defend him during his upcoming impeachment trial, as a number of high-profile advisers who defended him the last time he faced a Senate trial make it clear they are not interested in this second round. House Speaker Nancy Pelosi is expected to send the article of impeachment to the Senate this week.

The President has resisted calls from his aides to give a final speech recounting the accomplishments of the administration. Instead, Pence — who will be attending Biden’s inauguration — continues to be the public-facing leader of the administration, traveling to Naval Air Station Lemoore in California on Saturday to give a speech touting the administration’s national security achievements.

“The American people are grateful,” Pence told sailors as he thanked them for their service on behalf of the Trump administration. “And I want to assure you that you have our deepest respects for the selflessness and courage that you personify every day.”

The vice president argued that the military is now “more equipped than ever” and added — with no irony, even though parts of the nation are currently locked down under heavy guard — that he was “proud to say, with just a few days left in this administration, this is the first administration in decades not to get America into a new war.”

Biden readies first-day executive actions

While it has been hard for Biden to capture the nation’s attention after the security breach at the Capitol, his team revealed new details Saturday about how Americans could take part in the inauguration activities from home and his incoming chief of staff Ron Klain released a memo detailing the executive actions Biden would take on his first day of office to reverse some of the policies of the Trump administration, including rejoining the Paris climate accord and rescinding the ban on travel from predominantly Muslim countries.
Biden rolled out his first signature legislative initiative this past week when he announced his $1.9 trillion relief package to mitigate the economic damage wrought by the coronavirus pandemic and expand and accelerate the delivery of the Covid-19 vaccine across the United States.

On Saturday, Klain’s memo said Biden would also sign orders halting evictions and giving relief from student loan payments to those struggling financially because of the pandemic, while also instituting a mask mandate at federal sites and for travel between states. The President-elect has challenged Americans to mask up in his first 100 days in office.

Biden also plans to introduce an immigration plan within his first 100 days that would include a pathway to citizenship for many undocumented immigrants living in the United States. In late January and early February, he also intends to ask the federal government to devise a system for reuniting children separated from their families at the US-Mexico border and will focus on moving criminal justice reform.

“These actions are just the start of our work,” Klain wrote in the memo. “Much more will need to be done to fight COVID-19, build our economy back better, combat systemic racism and inequality, and address the existential threat of the climate crisis. But by February 1st, America will be moving in the right direction on all four of these challenges — and more — thanks to President-elect Joe Biden’s leadership.”

Jim Acosta, Josh Campbell, Jeremy Diamond, Jamie Gangel, Dan Merica, Peter Morris, Artemis Moshtaghian, David Shortell and Carolyn Sung contributed to this report.

Betty White marks 99th birthday; up late as she wants

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Betty White birthday

True to form, Betty White has something impish to say about her birthday Sunday.

“Since I am turning 99, I can stay up as late as I want without asking permission!” she told The Associated Press in an email.

White’s low-key plans include feeding a pair of ducks that regularly visit her Los Angeles-area home. Her birthday meal will be a hot dog and French fries brought in along with a bouquet of roses by her longtime friend and agent, Jeff Witjas.

The actor’s TV credits stretch from 1949’s Hollywood on Television to a 2019 voice role in Forky Asks a Question, with The Golden Girls and The Mary Tyler Moore Show among the enduring highlights.

In January alone, White is on screen in reruns including The Golden Girls and Hot in Cleveland; the 2009 Sandra Bullock movie The Proposal, and the 2018 documentary Betty White: First Lady of Television, about her life and career.

White’s devotion to animals will be on display next month with the DVD and digital release of Betty White’s Pet Set, a 1970s series in which she visited with celebrity guests and their pets as well as wild animals.

Her work, always marked by top-drawer comedic timing, has earned her five Emmy Awards, including a 2010 trophy for a guest-host appearance on Saturday Night Live.

A native of Oak Park, Illinois, White was married to game show host and producer Allen Ludden from 1963 until his death in 1981.

BJP leaders should line up first to get vaccinated: Akhilesh Yadav

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As the vaccination drive began across India Saturday, Samajwadi Party (SP) president Akhilesh Yadav said BJP leaders should line up first to get vaccinated for Covid-19.

At a press conference at the party headquarters in Lucknow, Akhilesh was asked about his opinion on the head of the state not getting vaccinated yet, which is contrary to what has happened in other countries. He said, “I agree with you on this. I would like to say the BJP does everything with pomp and show even if their programmes are hollow. So, I feel, people from the BJP should stand in the line first and get vaccinated. The way the taali [clap] and thali [plate] was done, the same way all of them should come and get vaccinated. After one year, the SP will form the government and all of us will get vaccinated for free.”

The SP chief added, “I am happy that the government started the vaccination drive. And about the vaccine, it was not just me who was worried. Now, the vaccine is here. I have no complaint from doctors, scientists and volunteers. The question is that when will the poor get the vaccine? And will it be free for them? The new president in the US, which recorded the highest number of casualties at around 4 lakh, has already made a vaccination programme – how many people will get the vaccine in 100 days. Same for other countries. Our government should tell us their programme. When will they give the vaccine to everyone for free? The government should tell us this.”

Akhilesh asked the government if it had imparted proper training to its staff, doctors and technical people. “Do they have proper knowledge? And where will the vaccine be administered?… Have sufficient funds been disbursed there? It has come to our notice that places where centres have been made, no funds have reached there. If funds are not provided, how will the vaccination happen?” he questioned.

The former CM said the government should take the opinion of experts about the vaccination and take decisions accordingly. “I have no problem if there are adequate funds and proper arrangements like cold chains.”

He added, “There will be complaints related to vaccines. We will have to trust our experts. If you want to trust Yogiji, then you can do so.”

A host of leaders joined the SP at the press conference, including Meerut Mayor Sunita Verma, who was expelled from the Bahujan Samaj Party (BSP), and her husband Yogesh Verma, a former two-time BSP MLA. Yogesh was booked under the National Security Act and was the main accused in the case registered in connection with the violence at a Dalit agitation organised in April 2018 to protest against the dilution of the SC/ST (Prevention of Atrocities) Act.

Asked about the Ram temple donation drive, Akhilesh said: “The concept of ‘dakshina’ [offering] is there in the Vedic traditions. It is not ‘chanda’ [donation]. The BJP should stop these political programmes. In our Vedic traditions, there is dakshina, not chanda. You can pick up the Vedas, Ramayana or Mahabharata. In Hindu traditions, the word chanda is not there. The BJP government is doing these political programmes because they can’t give the vaccine, they can’t provide jobs, because they can’t double farmers’ income. This is all a distraction. As far as the ‘dakshina’ is concerned, I have always given it at all temples.”

Asked about former Gujarat cadre IAS officer Arvind Kumar Sharma joining the BJP and being fielded as a candidate for the Uttar Pradesh Legislative Council polls, Akhilesh said, “…he has come from very far — from Gujarat. I feel the work started by our government will be completed sooner by him who has come from Gujarat… What will he do in eight-nine months? This government is going anyway. They can start a fight, spread hatred, abuse, lodge fake cases, indulge in vandalism, disrespect people. But the people of UP are ready to teach them a lesson.”

The former CM criticised the governments handling of law and order. “Many people have been killed in fake encounters. Even if they did not have any serious case, they were killed. The highest number of custodial deaths in the country are happening under the BJP rule in the state.”