July 22, 2026 4:39 am

‘मैं किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहूंगा’: वांगचुक के तेज अनशन का 20वां दिन शुरू

'I will stay alive till July 20 at any cost': Wangchuk as fast enters Day 20

लद्दाख: वांगचुक, जो तेज़ी से अपना अनशन 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है, ने आज अपने शारीरिक कमजोर पड़ने की स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी आस्था और संकल्प कहीं भी कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी हाल में 20 जुलाई तक जीवित रहूंगा।’

वांगचुक का यह अनशन स्थानीय प्रशासन और सरकार के साथ उनके विभिन्न मांगों को लेकर लंबित विवाद का एक अहम हिस्सा बना हुआ है। उनकी मांगों में स्थानीय अधिकारों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे प्रमुख हैं। वर्ष 2024 के शुरू से उन्होंने यह अनशन शुरू किया है और अब तक उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है।

डॉक्टरों के बार-बार अनुरोधों के बावजूद वांगचुक ने अपने फैसले पर अडिग रहे। स्थानीय समुदाय उनके समर्थन में खड़े हैं और उनकी स्थिति को लेकर व्यापक चिंता व्यक्त कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार संगठन भी सरकार से अपील कर रहे हैं कि वे वांगचुक के साथ संवाद कायम करें तथा उनकी मांगों को संवेदनशीलता के साथ लें।

हालांकि वांगचुक ने अपनी शारीरिक कमजोरी को स्वीकार किया, फिर भी उन्होंने कहा कि उनका मानसिक दृढ़ता और अटूट संकल्प ही उन्हें आगे बढ़ा रहा है। “मैं जानता हूं कि शरीर कमजोर पड़ रहा है, लेकिन मेरे इरादे मजबूत हैं। यह अनशन न केवल मेरे लिए बल्कि मेरी जनता और हमारी न्याय की लड़ाई के लिए है,” उन्होंने बताया।

प्रशासन ने फिलहाल वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए चिकित्सकीय टीम तैनात की है और उनसे बातचीत जारी रखी है। यह देखना बाकी है कि आगे की परिस्थितियां कैसे बदलती हैं और वांगचुक अपनी मांगों को लेकर क्या नया रुख अपनाते हैं।

अनशन के 20वें दिन प्रवेश करते वांगचुक की स्थिति ने पूरे क्षेत्र में चर्चा और चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रीय नेताओं, स्थानीय जनता और मीडिया के नजरिए से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। आगे आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण होगा।

वांगचुक की यह लड़ाई केवल उनकी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक न्याय के लिए आवाज है, जो आज भी अनेक लोगों को प्रेरित कर रही है। उनकी दृढ़ता और संकल्प के पीछे छिपी मानवीय कहानियां अब पूरे देश के सामने हैं।

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