September 20, 2026 3:58 pm

नेफ्यू रियो: छात्र राजनीति से नागालैंड के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने तक का सफर

नेफ्यू रियो छात्र राजनीति से नागालैंड के मुख्यमंत्री तक का सफर

नेफ्यू रियो नागालैंड की राजनीति के सबसे प्रमुख और अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और आगे चलकर विधायक, मंत्री, सांसद और मुख्यमंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2003 में पहली बार नागालैंड के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2018 में उन्होंने फिर मुख्यमंत्री पद संभाला और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ कायम रखी। नेफ्यू रियो की राजनीतिक यात्रा कई उतार-चढ़ावों से भरी रही है। कांग्रेस से राजनीतिक शुरुआत करने के बाद उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति का रास्ता चुना और नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के नेतृत्व में सरकार बनाई। राष्ट्रीय राजनीति में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई और 2014 से 2018 तक लोकसभा सांसद रहे।

शुरुआती जीवन और शिक्षा

नेफ्यू रियो का जन्म 11 नवंबर 1950 को नागालैंड के तुओफेमा में हुआ। उनके माता-पिता का नाम गुओलहौली रियो और केविलहौ रियो था। उनका संबंध अंगामी नागा समुदाय से है। उनकी शुरुआती शिक्षा बैपटिस्ट इंग्लिश स्कूल, कोहिमा और सैनिक स्कूल, पुरुलिया, पश्चिम बंगाल से हुई। इसके बाद उन्होंने सेंट जोसेफ कॉलेज, दार्जिलिंग में अध्ययन किया और आगे कोहिमा आर्ट्स कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन से ही उनकी रुचि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में रही। उन्होंने कम उम्र में ही विभिन्न संगठनों में जिम्मेदारियां संभालना शुरू कर दिया था।

छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत

नेफ्यू रियो ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत युवा अवस्था में की। 1974 में वे यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की युवा शाखा के कोहिमा जिला अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने स्थानीय स्तर पर कई जिम्मेदारियां निभाईं। 1984 में वे नॉर्दर्न अंगामी एरिया काउंसिल के अध्यक्ष बने। इन जिम्मेदारियों के माध्यम से उन्हें संगठन चलाने, लोगों से जुड़ने और स्थानीय प्रशासन को समझने का अनुभव मिला। यही अनुभव आगे चलकर उनके सक्रिय राजनीतिक करियर की नींव बना।

विधायक और मंत्री बनने का सफर

नेफ्यू रियो ने 1987 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नागालैंड विधानसभा चुनाव लड़ा, हालांकि इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक प्रयास जारी रखे। 1989 में वे पहली बार नागालैंड विधानसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्हें राज्य सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। उन्होंने खेल एवं स्कूल शिक्षा तथा बाद में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा और कला एवं संस्कृति जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली। 1993 में वे दोबारा विधानसभा के लिए चुने गए और उन्हें लोक निर्माण एवं आवास विभाग का मंत्री बनाया गया। इसके बाद वर्ष 1998 से 2002 तक वे मुख्यमंत्री एस. सी. जमीर की सरकार में गृह मंत्री रहे। वर्ष 2002 में उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और नागा मुद्दे के समाधान को लेकर अपनी अलग राजनीतिक राह अपनाई।

मुख्यमंत्री बनने की पहली बड़ी कामयाबी

कांग्रेस से अलग होने के बाद नेफ्यू रियो नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) से जुड़े। उनके नेतृत्व में NPF और अन्य क्षेत्रीय दलों ने भाजपा की राज्य इकाई के साथ मिलकर डेमोक्रेटिक अलायंस ऑफ नागालैंड (DAN) बनाया। 2003 के विधानसभा चुनाव में DAN गठबंधन की जीत के बाद 6 मार्च 2003 को नेफ्यू रियो ने पहली बार नागालैंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि 2008 में नागालैंड में राष्ट्रपति शासन लागू होने के कारण उनका पहला कार्यकाल बीच में समाप्त हो गया। लेकिन इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 12 मार्च 2008 को उन्होंने दोबारा सरकार बनाई।

2013 में तीसरी बार मुख्यमंत्री

2013 के नागालैंड विधानसभा चुनाव में NPF ने शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद नेफ्यू रियो एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। इस तरह उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में नागालैंड में शांति, विकास, पर्यटन और संगीत संस्कृति को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उन्हें राज्य में संगीत उद्योग को बढ़ावा देने के लिए Music Task Force की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय भी दिया जाता है।

लोकसभा से फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक

2014 में नेफ्यू रियो ने राष्ट्रीय राजनीति का रुख किया और नागालैंड लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। वे 2014 से 2018 तक लोकसभा के सदस्य रहे। लेकिन राज्य की राजनीति में उनकी पकड़ बनी रही। 2018 में उन्होंने फिर नागालैंड के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने राज्य की राजनीति में अपने लंबे अनुभव का इस्तेमाल करते हुए सरकार का नेतृत्व जारी रखा।

राजनीतिक सफर एक नजर में

  • 11 नवंबर 1950: तुओफेमा, नागालैंड में जन्म
  • 1974: युवा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली
  • 1989: पहली बार नागालैंड विधानसभा के सदस्य बने
  • 1993: दूसरी बार विधायक बने और मंत्री बने
  • 1998-2002: नागालैंड के गृह मंत्री रहे
  • 6 मार्च 2003: पहली बार मुख्यमंत्री बने
  • 2008: दोबारा मुख्यमंत्री बने
  • 2013: तीसरी बार मुख्यमंत्री बने
  • 2014-2018: लोकसभा सांसद रहे
  • 2018: फिर नागालैंड के मुख्यमंत्री बने

नेफ्यू रियो का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू होकर नागालैंड के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की लंबी यात्रा है। विधायक और मंत्री के रूप में अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। मुख्यमंत्री के रूप में कई कार्यकाल और लोकसभा सांसद के रूप में राष्ट्रीय राजनीति का अनुभव उनके राजनीतिक जीवन को अलग पहचान देता है। नागालैंड की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के कारण नेफ्यू रियो को राज्य के सबसे अनुभवी नेताओं में गिना जाता है। उनका सफर यह दिखाता है कि स्थानीय संगठन से शुरू हुई राजनीतिक यात्रा समय के साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती है।

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