September 18, 2026 4:31 pm

कॉनराड संगमा: स्थानीय राजनीति से राज्य के नेतृत्व तक का सफर

कॉनराड संगमा स्थानीय राजनीति से मेघालय के नेतृत्व तक का सफर

कॉनराड कोंगकल संगमा पूर्वोत्तर भारत की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वे नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के नेता और मेघालय के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। तुरा से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर विधायक, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष और लोकसभा सांसद की जिम्मेदारियों से गुजरते हुए मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा। वे पहली बार 6 मार्च 2018 को मेघालय के मुख्यमंत्री बने और 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद दूसरी बार इस पद की जिम्मेदारी संभाली।

शुरुआती जीवन और शिक्षा

कॉनराड संगमा का जन्म 27 जनवरी 1978 को तुरा, वेस्ट गारो हिल्स, मेघालय में हुआ। उनके पिता पी. ए. संगमा देश के जाने-माने राजनेता और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। कॉनराड संगमा ने उच्च शिक्षा के लिए विदेश का रुख किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से BBA और इंपीरियल कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से MBA की शिक्षा प्राप्त की। राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद उनके राजनीतिक सफर में संगठन और चुनावी राजनीति दोनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने पिता पी. ए. संगमा के राजनीतिक अभियानों में भी काम किया।

पहली चुनावी कोशिश और विधानसभा में प्रवेश

कॉनराड संगमा ने शुरुआती दौर में जमीनी राजनीति को समझने के लिए चुनावी राजनीति में कदम रखा। 2004 में उन्होंने गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल का चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद 2008 के मेघालय विधानसभा चुनाव में उन्होंने पहली बड़ी चुनावी सफलता हासिल की और विधायक बने। इसी दौर में उन्हें राज्य सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। 2008-09 के दौरान उन्होंने वित्त, बिजली और पर्यटन जैसे विभागों के कैबिनेट मंत्री के रूप में काम किया।

नेता प्रतिपक्ष की भूमिका

2009 से 2013 के बीच कॉनराड संगमा ने मेघालय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। इस दौरान उन्हें सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और विपक्ष को प्रभावी ढंग से नेतृत्व देने का अनुभव मिला। यह दौर उनके राजनीतिक करियर में महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इससे राज्य की राजनीति और प्रशासन की उनकी समझ और मजबूत हुई। हालांकि 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनका राजनीतिक सफर रुका नहीं।

लोकसभा सांसद से NPP नेतृत्व तक

पिता पी. ए. संगमा के निधन के बाद 2016 में तुरा लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कॉनराड संगमा ने जीत दर्ज की। वे 16वीं लोकसभा के सदस्य बने और संसद की ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति में भी काम किया। इसी वर्ष वे नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने मेघालय की राजनीति में पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया।

2018 में मुख्यमंत्री बनने का सफर

2018 का मेघालय विधानसभा चुनाव कॉनराड संगमा के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। NPP ने चुनाव में 19 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस से पीछे रहने के बावजूद सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गई। NPP ने भाजपा और कई क्षेत्रीय दलों के समर्थन से बहुमत का आंकड़ा हासिल किया। इसके बाद कॉनराड संगमा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और 6 मार्च 2018 को पहली बार मेघालय के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस तरह एक ऐसे नेता, जिसने विधायक, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सांसद के रूप में अलग-अलग भूमिकाएं निभाई थीं, ने राज्य के सर्वोच्च कार्यकारी पद की जिम्मेदारी संभाली।

2023 में दोबारा मुख्यमंत्री

2023 के विधानसभा चुनाव में NPP ने फिर मजबूत प्रदर्शन किया। चुनाव के बाद कॉनराड संगमा के नेतृत्व में सरकार बनी और 7 मार्च 2023 को उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला। वर्तमान में वे मुख्यमंत्री के साथ कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं, जिनमें वित्त, गृह (राजनीतिक), वन एवं पर्यावरण, सूचना प्रौद्योगिकी और निवेश से जुड़े विभाग शामिल हैं।

राजनीतिक सफर एक नजर में

  • 27 जनवरी 1978: तुरा, मेघालय में जन्म
  • 2004: पहली चुनावी कोशिश
  • 2008: पहली बार मेघालय विधानसभा के सदस्य बने
  • 2008-09: कैबिनेट मंत्री रहे
  • 2009-2013: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
  • 2016: तुरा से लोकसभा सांसद बने
  • 2016: NPP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने
  • 6 मार्च 2018: पहली बार मेघालय के मुख्यमंत्री बने
  • 2023: दूसरी बार मुख्यमंत्री बने

कॉनराड संगमा का राजनीतिक सफर चुनावी हार से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री बनने तक के संघर्ष और अनुभव की कहानी है। विधायक और मंत्री के रूप में राज्य की राजनीति को समझने के बाद उन्होंने विपक्ष के नेता की भूमिका निभाई और फिर राष्ट्रीय राजनीति में लोकसभा सांसद के रूप में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद NPP के नेतृत्व में उन्होंने मेघालय में गठबंधन सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2018 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने और 2023 में दोबारा सत्ता संभालने के साथ कॉनराड संगमा ने मेघालय की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उनका सफर यह दिखाता है कि स्थानीय राजनीति, संगठनात्मक अनुभव और राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक भूमिका किस तरह किसी नेता को राज्य के शीर्ष पद तक पहुंचा सकती है।

व्यक्ति से व्यक्तित्व तक — Daily Insights

 

Leave a Comment