युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े खेमचंद सिंह ने खेल, संगठन और विधानसभा की राजनीति से होते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया है। 4 फरवरी 2026 को उन्होंने मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी उनके मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की पुष्टि की थी। उनका सफर इसलिए भी अलग है क्योंकि राजनीति में सक्रिय होने से पहले उनकी पहचान ताइक्वांडो खिलाड़ी और खेल से जुड़े व्यक्तित्व के रूप में बनी। बाद में उन्होंने विधानसभा की राजनीति में प्रवेश किया और स्पीकर तथा कैबिनेट मंत्री जैसी जिम्मेदारियां संभालीं।
शुरुआती जीवन और ताइक्वांडो से जुड़ाव
युमनाम खेमचंद सिंह का जन्म 1 मार्च 1963 को मणिपुर के इम्फाल वेस्ट जिले के सिंगजामेई चिंगामाथक में हुआ। मणिपुर विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल में उनके पिता का नाम युमनाम कलाचंद सिंह और उनकी शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक के साथ ताइक्वांडो में स्नातक के रूप में दर्ज है। राजनीति में आने से पहले उनका जुड़ाव ताइक्वांडो से रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने करीब 16 वर्ष की उम्र में ताइक्वांडो सीखना शुरू किया। बाद में उन्होंने इस खेल को पूर्वोत्तर भारत में बढ़ावा देने के लिए भी काम किया। 1982 में उन्होंने ऑल असम ताइक्वांडो एसोसिएशन की स्थापना में भूमिका निभाई और ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम किया। 2026 की शुरुआत में उन्हें पारंपरिक ताइक्वांडो में 5वां डैन प्रदान किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई।
2017 में विधानसभा की राजनीति में प्रवेश
खेमचंद सिंह ने 2017 के मणिपुर विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता। मणिपुर विधानसभा की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उसी वर्ष उन्हें विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी मिली। 2017 से 2022 तक उन्होंने मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में काम किया। इस भूमिका ने उन्हें विधानसभा संचालन और राज्य की विधायी प्रक्रिया का व्यापक अनुभव दिया। इसके बाद 2022 में वे दोबारा सिंगजामेई से विधायक चुने गए। आधिकारिक विधानसभा प्रोफाइल के अनुसार इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी
2022 में विधायक बनने के बाद खेमचंद सिंह को राज्य सरकार में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली। मणिपुर विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल में उनके पास Municipal Administration, Housing and Urban Development (MAHUD) तथा Rural Development and Panchayati Raj जैसे विभागों का उल्लेख है। मंत्री के रूप में काम करने के दौरान उन्हें राज्य प्रशासन, स्थानीय निकायों और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर काम करने का अनुभव मिला।
मणिपुर के चुनौतीपूर्ण दौर में राजनीतिक भूमिका
मणिपुर में मई 2023 में हिंसा शुरू होने के बाद राज्य लंबे समय तक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक तनाव से गुजरा। इसी दौरान खेमचंद सिंह ने संवाद और शांति की जरूरत पर सार्वजनिक रूप से बात की। दिसंबर 2025 में उन्होंने उखरुल और कामजोंग जिलों के लितान और चासाद गांवों का दौरा किया और वहां कुकी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह दौरा मई 2023 में हिंसा शुरू होने के बाद किसी मैतेई विधायक की ओर से कुकी क्षेत्रों में किए गए शुरुआती आउटरीच प्रयासों में शामिल था। बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि मणिपुर के मौजूदा संकट का रास्ता शांति और संवाद से होकर जाता है।
2026 में मुख्यमंत्री पद तक पहुंच
13 फरवरी 2025 को एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। इसके बाद राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आया और 2026 में राज्य में नई सरकार का गठन हुआ। 4 फरवरी 2026 को युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, उनके साथ नेमचा किपगेन और लोसी दिखो ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस तरह ताइक्वांडो के मैदान से सार्वजनिक जीवन में आए खेमचंद सिंह का सफर विधायक, विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री की जिम्मेदारियों से गुजरते हुए मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा।
मुख्यमंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री बनने के बाद खेमचंद सिंह के सामने मणिपुर में प्रशासन, विकास और सामाजिक संवाद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। अप्रैल 2026 में उन्होंने उखरुल जिले के विभिन्न गांवों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद को महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में राज्य में विकास के साथ-साथ अलग-अलग समुदायों के बीच संवाद और विश्वास बहाली भी महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।
राजनीतिक सफर एक नजर में
- 1 मार्च 1963: मणिपुर में जन्म
- 16 वर्ष की उम्र: ताइक्वांडो से जुड़ाव शुरू
- 1982: ऑल असम ताइक्वांडो एसोसिएशन की स्थापना में भूमिका
- 2017: सिंगजामेई से पहली बार विधायक बने
- 2017–2022: मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष रहे
- 2022: दोबारा विधायक और राज्य सरकार में मंत्री बने
- दिसंबर 2025: कुकी गांवों का दौरा और संवाद का प्रयास
- 4 फरवरी 2026: मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली
युमनाम खेमचंद सिंह का राजनीतिक सफर खेल से राजनीति और विधानसभा से मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की यात्रा है। ताइक्वांडो से जुड़े उनके शुरुआती जीवन ने उन्हें एक अलग पहचान दी, जबकि विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री के रूप में निभाई गई जिम्मेदारियों ने उनके राजनीतिक अनुभव को विस्तार दिया। 2026 में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उनकी भूमिका अब पूरे मणिपुर के प्रशासन और विकास से जुड़ी है। ऐसे समय में जब राज्य में शांति, संवाद और विकास महत्वपूर्ण विषय हैं, उनका राजनीतिक सफर मणिपुर की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों से भी जुड़ता है।
व्यक्ति से व्यक्तित्व तक — Daily Insights









