July 22, 2026 4:36 am

शेठ्टी तकनीकी संस्थान, कलाबुरगी में मेटा इंजीनियरों ने छात्रों के साथ किया एआई और उभरती तकनीकों पर संवाद

Meta engineers interact with students on AI, emerging technologies at Shetty Institute of Technology in Kalaburagi

कलाबुरगी के शेठ्टी तकनीकी संस्थान में हाल ही में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मेटा के इंजीनियरों ने छात्र समुदाय के साथ एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और उभरती हुई तकनीकों पर संवाद स्थापित किया। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत रही मेटा के AI-पावर्ड रे-बैन स्मार्ट ग्लासेस का लाइव डेमोंस्ट्रेशन, जिसने तकनीक की दुनिया में नई क्रांति की झलक दिखाई।

इस कार्यक्रम में छात्रों ने एआई और पहनने योग्य टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति को समझने का अवसर प्राप्त किया। मेटा के विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे रे-बैन स्मार्ट ग्लासेस दैनिक जीवन को सुविधाजनक और स्मार्ट बनाने में मदद कर रहे हैं। ये ग्लासेस स्टाइलिश तो हैं ही, साथ ही आवाज़, छवियों, और आसपास की जानकारी को तुरंत उपलब्ध कराने में सक्षम हैं।

कार्यक्रम के दौरान मेटा के इंजीनियरों ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और एआई तकनीक की चुनौतियों व संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एआई आधारित उपकरणों की मदद से शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और कार्यस्थल जैसी अनेक जगहों पर अनुभवों की गुणवत्ता कैसे बेहतर हो सकती है।

यह लाइव डेमोंस्ट्रेशन छात्रों के लिए बहुत जोखिममुक्त अनुभव साबित हुआ जिसमें वे सीधे इन स्मार्ट ग्लासेस को पहनकर और उनका उपयोग करके उनकी वास्तविक क्षमता को समझ सके। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के प्रायोगिक सत्र से छात्र तकनीक के प्रति और अधिक जागरूक और उत्साहित होते हैं, जिससे उनके सीखने की प्रक्रिया में सुधार होता है।

मेटा और शेठ्टी तकनीकी संस्थान का यह सहयोग युवाओं को न केवल नवीनतम तकनीक से अवगत कराता है बल्कि उन्हें इस क्षेत्र में करियर के अनेक अवसरों के बारे में भी मार्गदर्शन प्रदान करता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ने इस पहल की प्रशंसा की और ऐसी गतिविधियों की नियमितता की आवश्यकता पर बल दिया।

संक्षेप में, यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उनके भविष्य के तकनीकी रास्ते को भी स्पष्ट करने वाला साबित हुआ। एआई टेक्नोलॉजी के यथार्थ या व्यावहारिक पक्ष को समझने में मिले इस अनुभव से छात्रों की जिज्ञासा और प्रेरणा दोनों बढ़ी है।

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