दवा बीमारी से राहत देने और स्वास्थ्य सुधारने का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन दवा की जरूरत से ज्यादा मात्रा, गलत दवा या लंबे समय तक बिना चिकित्सकीय सलाह के सेवन से शरीर को नुकसान भी हो सकता है। कई लोग सिरदर्द, बुखार, दर्द या सामान्य कमजोरी जैसी समस्याओं में अपनी मर्जी से दवा लेना शुरू कर देते हैं। समस्या तब बढ़ सकती है जब एक साथ कई दवाएं ली जाएं या पहले से चल रही दवाओं के बारे में डॉक्टर को जानकारी न दी जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी गलत और असुरक्षित दवा सेवन को रोकने पर जोर देता है।
दवाओं का ज्यादा सेवन क्यों खतरनाक है?
हर दवा की एक निर्धारित मात्रा, अवधि और उपयोग का उद्देश्य होता है। जरूरत से ज्यादा दवा लेने पर शरीर उसे सही तरीके से संभाल नहीं पाता। कुछ दवाएं दूसरी दवाओं के साथ मिलकर अप्रत्याशित प्रतिक्रिया भी कर सकती हैं। इससे चक्कर, अत्यधिक नींद, उल्टी, एलर्जी, ब्लड प्रेशर में बदलाव या अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और उन लोगों में जोखिम बढ़ सकता है जो पहले से कई दवाएं लेते हैं। WHO के अनुसार, एक मरीज द्वारा कई दवाओं का उपयोग यानी पॉलीफार्मेसी दवा-संबंधी नुकसान के प्रमुख जोखिम क्षेत्रों में शामिल है।
लिवर और किडनी पर पड़ सकता है असर
हमारे शरीर में लिवर और किडनी दवाओं को प्रोसेस करने और उनके अवशेषों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुछ दवाओं की अधिक मात्रा इन अंगों पर गंभीर दबाव डाल सकती है। उदाहरण के लिए, पैरासिटामोल की निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए यह सोचकर अतिरिक्त गोली लेना कि “दवा ज्यादा होगी तो आराम भी जल्दी मिलेगा” सही नहीं है।
एंटीबायोटिक खुद से लेना बंद करें
सर्दी-जुकाम या वायरल बीमारी में लोग कई बार बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं। यह आदत व्यक्ति और समाज दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। WHO के अनुसार, एंटीबायोटिक का अनुचित और अत्यधिक इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में है। इसके कारण कुछ बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं और भविष्य में संक्रमण का इलाज कठिन हो सकता है।
दर्द की दवा भी सावधानी से लें
पेनकिलर या दूसरी सामान्य दवाओं को भी लगातार अपनी मर्जी से लेते रहना सुरक्षित नहीं माना जाना चाहिए। किसी दवा की जरूरत, सही खुराक और कितने समय तक उसे लेना है—यह व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और दूसरी दवाओं पर निर्भर कर सकता है।इसलिए यदि दर्द या कोई अन्य समस्या बार-बार हो रही है, तो केवल दवा दोहराने के बजाय उसके कारण की जांच कराना ज्यादा जरूरी है।
दवा लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
- डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के बिना नई दवा शुरू न करें।
- दवा की निर्धारित खुराक और अवधि का पालन करें।
- एक साथ कई दवाएं लेते हैं तो डॉक्टर/फार्मासिस्ट को सभी दवाओं की जानकारी दें।
- किसी दूसरे व्यक्ति की प्रिस्क्रिप्शन देखकर अपनी दवा तय न करें।
- एंटीबायोटिक का इस्तेमाल केवल उचित चिकित्सकीय सलाह के अनुसार करें।
- दवा लेने के बाद असामान्य लक्षण, तेज एलर्जी, सांस लेने में परेशानी या गंभीर प्रतिक्रिया हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
- गलती से दवा की बहुत अधिक मात्रा ले ली हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
याद रखें: दवा इलाज है, आदत नहीं
दवा तभी लाभ देती है जब वह सही बीमारी, सही व्यक्ति, सही मात्रा और सही अवधि के अनुसार ली जाए। अपनी मर्जी से दवा बढ़ाना, पुरानी पर्ची के आधार पर लंबे समय तक दवा लेते रहना या हर छोटी समस्या में गोली लेना स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। सेहत के लिए सबसे सुरक्षित नियम है—दवा लेने से पहले जानें, जरूरत हो तो पूछें और डॉक्टर की सलाह का पालन करें। WHO का “Know. Check. Ask.” दृष्टिकोण भी दवा की सुरक्षा के लिए इसी तरह की जागरूकता पर जोर देता है।
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