October 4, 2026 4:44 am

माणिक साहा: डेंटल सर्जन से त्रिपुरा के मुख्यमंत्री तक का सफर

माणिक साहा – डेंटल सर्जन से त्रिपुरा के मुख्यमंत्री तक का सफर

माणिक साहा त्रिपुरा की राजनीति में एक ऐसा नाम हैं, जिनका सार्वजनिक जीवन चिकित्सा क्षेत्र से शुरू होकर राज्य के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा। राजनीति में आने से पहले वे डेंटल सर्जन, शिक्षक और प्रोफेसर के रूप में काम कर चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद उन्होंने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और वर्ष 2022 में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बने। वे वर्तमान में भी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री हैं।

शुरुआती जीवन और शिक्षा

माणिक साहा का जन्म 8 जनवरी 1953 को हुआ। उनके पिता का नाम माखन लाल साहा और माता का नाम प्रिया बाला साहा बताया जाता है। उन्होंने दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की। साहा ने पटना डेंटल कॉलेज से BDS की पढ़ाई की और बाद में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से Oral and Maxillofacial Surgery में MDS किया। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज एवं डॉ. बी. आर. अंबेडकर मेमोरियल टीचिंग हॉस्पिटल में अध्यापन किया। इस दौर में उनका करियर चिकित्सा शिक्षा और दंत चिकित्सा से जुड़ा रहा।

कांग्रेस से भाजपा तक का राजनीतिक सफर

माणिक साहा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ की थी। वर्ष 2016 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। पार्टी में शुरुआती दौर में उन्होंने बूथ स्तर के संगठन और सदस्यता अभियान जैसी जिम्मेदारियों पर काम किया। उनके संगठनात्मक अनुभव के बाद पार्टी में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई। वर्ष 2020 में माणिक साहा को त्रिपुरा भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने 2020 से 2022 तक इस जिम्मेदारी को संभाला।

राज्यसभा से मुख्यमंत्री पद तक

माणिक साहा के राजनीतिक करियर में वर्ष 2022 एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। मार्च 2022 में वे त्रिपुरा से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। हालांकि, मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने जुलाई 2022 में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राज्यसभा के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार उनका इस्तीफा 4 जुलाई 2022 से प्रभावी हुआ। मई 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के इस्तीफे के बाद भाजपा विधायक दल ने माणिक साहा को अपना नेता चुना। इसके बाद 15 मई 2022 को उन्होंने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

विधानसभा चुनाव और दोबारा मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री बनने के बाद माणिक साहा ने जून 2022 के उपचुनाव में टाउन बोर्डोवाली विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और पहली बार विधानसभा के सदस्य बने। इसके बाद 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर टाउन बोर्डोवाली सीट से चुनाव लड़ा। चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार आशीष कुमार साहा को 1,257 वोटों के अंतर से हराया। विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने उन्हें फिर से मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी और 8 मार्च 2023 को उन्होंने दूसरी बार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

क्रिकेट प्रशासन से भी जुड़ाव

राजनीति और चिकित्सा के अलावा माणिक साहा का जुड़ाव खेल प्रशासन से भी रहा है। वे त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन (TCA) के अध्यक्ष रह चुके हैं। TCA के आधिकारिक दस्तावेजों में उन्हें अध्यक्ष के रूप में दर्ज किया गया है। सितंबर 2026 में भी उन्होंने त्रिपुरा में क्रिकेट सुविधाओं और एक क्रिकेट अकादमी के विकास को लेकर चर्चा की थी।

राजनीतिक सफर एक नजर में

  • 8 जनवरी 1953: जन्म
  • शिक्षा: BDS और MDS, Oral and Maxillofacial Surgery
  • राजनीति से पहले: डेंटल सर्जन और शिक्षक/प्रोफेसर
  • 2016: भाजपा में शामिल हुए
  • 2020: त्रिपुरा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने
  • मार्च 2022: त्रिपुरा से राज्यसभा के लिए निर्वाचित
  • 15 मई 2022: पहली बार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बने
  • जून 2022: टाउन बोर्डोवाली उपचुनाव में जीतकर विधानसभा पहुंचे
  • 2 मार्च 2023: टाउन बोर्डोवाली से विधानसभा चुनाव जीता
  • 8 मार्च 2023: दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

माणिक साहा का सफर चिकित्सा शिक्षा और दंत चिकित्सा से शुरू होकर संगठनात्मक राजनीति और फिर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा। कांग्रेस से भाजपा तक का राजनीतिक सफर तय करने के बाद उन्होंने भाजपा के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2020 में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद उनका राजनीतिक कद बढ़ा और 2022 में उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। 2023 के विधानसभा चुनाव में टाउन बोर्डोवाली से जीत के बाद उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला। चिकित्सा, राजनीति और खेल प्रशासन से जुड़े उनके अनुभव उनके सार्वजनिक जीवन के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाते हैं। त्रिपुरा सरकार की वर्तमान वेबसाइट भी उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में सूचीबद्ध करती है।

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