सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्व हैं। पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी क्षेत्र से अपनी राजनीतिक पहचान बनाने वाले अधिकारी ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे हैं। तृणमूल कांग्रेस के साथ लंबे राजनीतिक सफर के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का रुख किया और 2021 में नंदीग्राम से विधानसभा चुनाव जीतकर राज्य की राजनीति में अपनी नई पहचान बनाई। वर्ष 2026 में उनका राजनीतिक सफर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा। पश्चिम बंगाल सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वे 9 मई 2026 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
सुवेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले में हुआ। उनका परिवार भी राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता शिशिर अधिकारी लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहे। शिक्षा के क्षेत्र में अधिकारी ने कांथी के प्रभात कुमार कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और बाद में उच्च शिक्षा पूरी की। उपलब्ध स्रोतों के अनुसार उन्होंने इतिहास में मास्टर डिग्री भी हासिल की।
राजनीति में शुरुआती कदम
सुवेंदु अधिकारी ने स्थानीय राजनीति से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। वर्ष 1995 में वे कांथी नगरपालिका के पार्षद चुने गए। इसके बाद उनका राजनीतिक प्रभाव धीरे-धीरे पूर्वी मेदिनीपुर क्षेत्र में बढ़ता गया। बाद में वे तृणमूल कांग्रेस से जुड़े और पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाई। पूर्वी मेदिनीपुर और नंदीग्राम क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता ने उन्हें राज्य की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित किया।
नंदीग्राम आंदोलन से मिली बड़ी पहचान
सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक करियर में नंदीग्राम आंदोलन एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। भूमि अधिग्रहण के विरोध में 2007 में हुए आंदोलन ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को प्रभावित किया और अधिकारी इस आंदोलन से जुड़े प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल रहे। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस में उनका कद बढ़ा। वे लोकसभा सांसद बने और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारियां संभालीं।
TMC से BJP तक का सफर
साल 2020 में सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी और 19 दिसंबर 2020 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। उनके दल बदलने को पश्चिम बंगाल की राजनीति के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में गिना गया। इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उनका मुकाबला तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी से हुआ और अधिकारी ने चुनाव जीता। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार दोनों के बीच जीत का अंतर करीब 2,000 वोट रहा।
विधानसभा में विपक्ष के नेता
2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया गया। विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी उन्हें विपक्ष के नेता के रूप में दर्ज किया गया था। इस भूमिका में उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर विपक्ष की ओर से अपनी बात रखी।
2026 में मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे
सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक सफर का सबसे बड़ा पड़ाव मई 2026 में आया। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने सरकार बनाने की स्थिति हासिल की और अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद 9 मई 2026 को उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पश्चिम बंगाल सरकार की आधिकारिक वेबसाइट वर्तमान में उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में दर्ज करती है।
राजनीतिक सफर एक नजर में
- 15 दिसंबर 1970: पूर्वी मेदिनीपुर में जन्म
- 1995: कांथी नगरपालिका के पार्षद बने
- 2007: नंदीग्राम आंदोलन के दौरान प्रमुख राजनीतिक भूमिका
- 2009: लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे
- 2020: तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए
- 2021: नंदीग्राम से विधानसभा चुनाव जीता
- 2021–2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे
- 9 मई 2026: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली
सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर स्थानीय राजनीति से शुरू होकर नगरपालिका, विधानसभा, लोकसभा, राज्य सरकार में मंत्री पद और विधानसभा में विपक्ष के नेता तक पहुंचा। तृणमूल कांग्रेस से भाजपा तक का उनका राजनीतिक बदलाव भी उनके करियर का महत्वपूर्ण अध्याय रहा। 2026 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ उनका सफर पश्चिम बंगाल की सत्ता के शीर्ष तक पहुंच गया।
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