October 22, 2026 2:39 pm

अश्विनी वैष्णव : प्रशासनिक सेवा से केंद्रीय मंत्री तक का सफर

अश्विनी वैष्णव का जीवन परिचय और प्रशासनिक सेवा से केंद्रीय मंत्री तक का सफर

भारत में रेलवे, डिजिटल तकनीक और संचार व्यवस्था का विकास देश की अर्थव्यवस्था तथा आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़ा है। इन क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालने वाले नेताओं में अश्विनी वैष्णव का नाम प्रमुख है। वे पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी, उद्यमी और भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं। प्रशासनिक अनुभव, तकनीकी शिक्षा और निजी क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। उनका सफर प्रशासनिक सेवा से केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालयों तक पहुँचा है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

अश्विनी वैष्णव का जन्म 18 जुलाई 1970 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले के जीवन कलां गाँव से संबंधित है। बाद में उनका परिवार जोधपुर में बस गया। उन्होंने जोधपुर के सेंट एंथनी कॉन्वेंट स्कूल और महेश स्कूल में शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1991 में उन्होंने जोधपुर के एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री स्वर्ण पदक के साथ प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1994 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 27वीं रैंक हासिल की और ओडिशा कैडर प्राप्त किया। आगे चलकर उन्होंने अमेरिका के पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल से एमबीए की पढ़ाई भी की। इसके लिए उन्होंने शैक्षणिक ऋण लिया था, जो उनकी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रशासनिक सेवा में योगदान

अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभाईं। वे बालासोर और कटक जिलों में जिला कलेक्टर के पद पर कार्यरत रहे। वर्ष 1999 में ओडिशा में आए भीषण चक्रवात के दौरान उन्होंने वास्तविक समय और स्थान से संबंधित आँकड़े जुटाने में भूमिका निभाई। इन जानकारियों से प्रशासन को लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने में सहायता मिली। वर्ष 2003 में उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यालय में उप सचिव नियुक्त किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय में उन्होंने बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) से जुड़े ढाँचे पर काम किया। वर्ष 2004 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के चुनाव हारने के बाद वे अटल बिहारी वाजपेयी के निजी सचिव के रूप में भी कार्यरत रहे। वर्ष 2006 में उन्हें मोरमुगाओ पोर्ट ट्रस्ट का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इन जिम्मेदारियों ने उन्हें प्रशासन, बुनियादी ढाँचे और सरकारी परियोजनाओं के संचालन का अनुभव प्रदान किया।

उद्योग और उद्यमिता की ओर कदम

व्हार्टन स्कूल से एमबीए पूरा करने के बाद अश्विनी वैष्णव भारत लौटे और निजी क्षेत्र में काम शुरू किया। उन्होंने GE Transportation में प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया। इसके बाद वे सीमेंस से जुड़े, जहाँ उन्होंने लोकोमोटिव और शहरी बुनियादी ढाँचे की रणनीति से संबंधित जिम्मेदारियाँ संभालीं। वर्ष 2012 में उन्होंने गुजरात में ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़ी दो कंपनियाँ स्थापित कीं—थ्री टी ऑटो लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड और वी जी ऑटो कंपोनेंट्स प्राइवेट लिमिटेड। इस अनुभव ने उन्हें उद्योग, विनिर्माण और व्यावसायिक प्रबंधन की समझ विकसित करने का अवसर दिया।

राजनीति में प्रवेश

अश्विनी वैष्णव ने वर्ष 2019 में सक्रिय संसदीय राजनीति में प्रवेश किया। वे ओडिशा से राज्यसभा के सदस्य चुने गए। उनके चुनाव में बीजू जनता दल के सदस्यों का भी समर्थन रहा। संसद में उन्होंने अर्थव्यवस्था, कर व्यवस्था, उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पर्यावरण जैसे विषयों पर अपनी बात रखी। वर्ष 2019 में आर्थिक मंदी पर चर्चा के दौरान उन्होंने इसे चक्रीय प्रकृति की मंदी बताया और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कर व्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने से संबंधित विधायी प्रयासों का भी समर्थन किया।

केंद्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारियाँ

जुलाई 2021 में अश्विनी वैष्णव को केंद्र सरकार में रेल मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने दूरसंचार मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला। मई 2023 में उनके नेतृत्व में संचार साथी पोर्टल शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य मोबाइल कनेक्शन और मोबाइल उपकरणों से जुड़ी कुछ सुरक्षा तथा सत्यापन सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
जून 2024 में नई सरकार के गठन के बाद उन्हें रेल मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। इन मंत्रालयों के अंतर्गत रेलवे व्यवस्था, डिजिटल तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक उद्योग, दूरसंचार से संबंधित नीतियाँ और मीडिया एवं प्रसारण क्षेत्र आते हैं। रेल मंत्रालय में उनकी भूमिका रेलवे नेटवर्क, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और आधुनिकीकरण से जुड़ी योजनाओं के संचालन से संबंधित है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय डिजिटल सेवाओं, तकनीकी विकास और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर काम करता है।

अश्विनी वैष्णव का जीवन प्रशासनिक सेवा, तकनीकी शिक्षा, निजी उद्योग और राजनीति के बीच एक अनूठी यात्रा प्रस्तुत करता है। ओडिशा में जिला प्रशासन से शुरुआत करने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यावसायिक संस्थाओं और संसद तक विभिन्न भूमिकाएँ निभाईं। केंद्रीय मंत्री के रूप में रेलवे, डिजिटल तकनीक और सूचना एवं प्रसारण जैसे क्षेत्रों की जिम्मेदारी उनके सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनकी यात्रा यह समझने का अवसर देती है कि प्रशासनिक अनुभव और तकनीकी ज्ञान का उपयोग सार्वजनिक नीति तथा देश के बुनियादी ढाँचे से जुड़े कार्यों में किस प्रकार किया जा सकता है।

Political Desk | daily Insights

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