July 22, 2026 10:20 am

55% शिक्षक महिलाएं हैं, छात्राओं का नामांकन बढ़ा: सरकार

55% teachers are women, girl student enrolment up: govt.

नई दिल्ली, 26 अप्रैल: हाल ही में जारी हुए UDISE+ रिपोर्ट के अनुसार भारत में शिक्षा क्षेत्र में सुधार के कई सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं। इस रिपोर्ट में ड्रॉपआउट दर में गिरावट, छात्रों के निरंतर स्कूल में बने रहने की संख्या में वृद्धि, और शिक्षकों की संख्या में काफ़ी इजाफा देखने को मिला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा के स्तर में सुधार तथा आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग बढ़ने से यह बदलाव संभव हो पाया है। UDISE+ रिपोर्ट के अनुसार, स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट की पहुंच बढ़ी है जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिला है। इस कारण छात्र बेहतर सीखने के अवसर प्राप्त कर रहे हैं, जिससे छात्र स्थायित्व में वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2022-23 की तुलना में शिक्षकों की संख्या में 8.3% की वृद्धि हुई है। इससे कक्षा में बेहतर शिक्षण संभव हुआ है और विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इसके साथ ही, स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

शिक्षार्थी प्रगति के विभिन्न स्तरों पर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि शिक्षा प्रणाली में समग्र सुधार हो रहा है। इसके अतिरिक्त, छात्राओं के नामांकन में भी वृद्धि हुई है, और महिलाओं की शिक्षक संख्या अब कुल शिक्षकों का 55% हो गई है। यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की रिपोर्ट सरकार की योजनाओं तथा नीतियों की सफलता को दर्शाती है। शिक्षा क्षेत्र में हो रहे यह सकारात्मक परिवर्तन देश के समग्र विकास में सहायता करेंगे।

शिक्षा विशेषज्ञों ने भी इस रिपोर्ट को स्वागत योग्य बताया है और कहा है कि स्कूलों में तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता एवं शिक्षक संख्या में वृद्धि से गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा में सुधार होगा। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि dropout दर कम होने के कारण अधिक बच्चे अपना शिक्षा सफर पूरा कर पाएंगे, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभदायक है।

संक्षेप में, UDISE+ रिपोर्ट न केवल शिक्षा के वर्तमान स्तर की अच्छी तस्वीर प्रस्तुत करती है, बल्कि आने वाले दिनों में और बेहतर परिणामों की उम्मीद भी जगाती है। सरकारी प्रयासों के साथ ही सामाजिक भागीदारी से भारत में शिक्षा प्रणाली और प्रगतिशील हो रही है, जो देश के युवाओं के उज्जवल भविष्य की मजबूत नींव बनेगी।

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