August 21, 2026 6:45 pm

अमेरिका की सड़कों पर धूल कम क्यों दिखती है? सिर्फ सफाई नहीं, सिस्टम में छिपे हैं कई कारण

अमेरिका की सड़कों पर धूल कम क्यों दिखती है - भारत और अमेरिका की सड़कों की तुलना

नई दिल्ली। भारत में नियमित सफाई के बावजूद कई शहरों की सड़कों पर धूल एक आम समस्या है। वहीं अमेरिका के कई विकसित शहरी इलाकों में सड़कें और फुटपाथ अपेक्षाकृत धूल-मुक्त दिखाई देते हैं। सोशल मीडिया पर अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय महिला का वीडियो भी इसी सवाल को लेकर चर्चा में है। लेकिन इसकी वजह सिर्फ रोज होने वाली सफाई नहीं, बल्कि सड़क निर्माण, मशीनों से सफाई, खुली मिट्टी को ढकने और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण जैसी व्यवस्थाएं भी हैं।

खुली मिट्टी कम छोड़ना भी एक वजह

अमेरिका के कई विकसित शहरी इलाकों में सड़क किनारे की जमीन को घास, पौधों, mulch, pavement या concrete जैसी सतहों से ढका जाता है। इससे ढीली मिट्टी सीधे हवा और वाहनों के संपर्क में कम आती है।निर्माण स्थलों से धूल और मिट्टी सड़क पर न पहुंचे, इसके लिए भी अलग-अलग स्थानीय और पर्यावरणीय नियम लागू होते हैं। अमेरिकी पर्यावरण एजेंसी EPA भी निर्माण गतिविधियों के दौरान धूल और प्रदूषण नियंत्रित करने के उपायों का उल्लेख करती है।

सड़क सफाई में मशीनों का इस्तेमाल

यह कहना सही नहीं होगा कि अमेरिका में सड़कों पर झाड़ू का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता, लेकिन कई बड़े शहरों में mechanical street sweepers महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उदाहरण के लिए New York City में Department of Sanitation निर्धारित कार्यक्रम के तहत mechanical brooms से सड़कों की सफाई करता है।यानी फर्क केवल सड़क साफ करने में नहीं, बल्कि धूल को सड़क तक पहुंचने से रोकने की व्यवस्था में भी है।

खुदाई से पहले 811 क्यों?

अमेरिका की एक दिलचस्प व्यवस्था 811 – Call Before You Dig है। जमीन में खुदाई करने से पहले 811 के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि नीचे गैस, बिजली, पानी या दूसरी underground utility lines तो नहीं हैं। इसका उद्देश्य अनियोजित खुदाई से भूमिगत सेवाओं को होने वाले नुकसान और दुर्घटनाओं को रोकना है।

भारत के लिए क्या सीख?

भारत और अमेरिका की आबादी, मौसम, शहरी घनत्व और स्थानीय परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए दोनों की सीधी तुलना उचित नहीं होगी। लेकिन एक बात जरूर समझी जा सकती है—साफ सड़क केवल रोज सफाई करने से नहीं बनती। सड़क, फुटपाथ, खुली जमीन, निर्माण कार्य और utilities की बेहतर planning भी उतनी ही जरूरी है। यानी सवाल केवल यह नहीं कि “सड़क कितनी बार साफ हुई?”, बल्कि यह भी है कि “सड़क पर धूल आने के रास्ते कितने कम किए गए?”

— Daily Insights Desk

 

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