रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को चार साल से ज्यादा समय हो चुका है। 24 फरवरी 2022 को रूस की व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद यह संघर्ष लगातार बदलता गया। शुरुआत में जहां जमीनी लड़ाई और शहरों पर कब्जे की कोशिशें केंद्र में थीं, वहीं बाद के वर्षों में ड्रोन, मिसाइल, ऊर्जा ढांचे, बंदरगाह और समुद्री मार्ग भी युद्ध के अहम मोर्चे बन गए। इस युद्ध की मानवीय कीमत भी लगातार बढ़ी है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, फरवरी 2022 से फरवरी 2026 तक यूक्रेन में कम से कम 15,172 नागरिकों की मौत और 41,378 लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई थी। इसके बाद 2026 में भी नागरिक हताहतों का सिलसिला जारी रहा।
आइए जानते हैं रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से सितंबर 2026 तक की प्रमुख घटनाओं की पूरी टाइमलाइन।
नवंबर 2021: तनाव की शुरुआत
युद्ध की पृष्ठभूमि 2021 में ही तैयार होने लगी थी। नवंबर में अमेरिका ने यूक्रेन की सीमा के पास रूसी सैनिकों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंता जताई। रूस और पश्चिमी देशों के बीच बातचीत के बावजूद सुरक्षा और NATO को लेकर विवाद का समाधान नहीं निकल सका।
फरवरी 2022: युद्ध का आगाज
फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों डोनेट्स्क और लुहांस्क को मान्यता दी। इसके बाद 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान शुरू कर दिया। शुरुआती दौर में रूसी सेना ने कई दिशाओं से हमला किया और राजधानी कीव समेत महत्वपूर्ण इलाकों पर दबाव बनाया। पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए और यूक्रेन को सैन्य व आर्थिक सहायता देना शुरू किया।
2022: यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई
युद्ध के शुरुआती महीनों में रूस को कुछ क्षेत्रों में बढ़त मिली, लेकिन बाद में यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। खारकीव क्षेत्र में यूक्रेनी सेना को महत्वपूर्ण सफलता मिली और नवंबर में खेरसॉन शहर से भी रूसी सेना पीछे हट गई। युद्ध के इस चरण ने दिखाया कि संघर्ष जल्दी खत्म होने वाला नहीं है।
2023: बड़ी Counteroffensive
2023 में यूक्रेन ने रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेने के लिए बड़ी Counteroffensive शुरू की। जून से शुरू हुए इस अभियान में यूक्रेन ने कई मोर्चों पर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं हो सके। इसके बाद युद्ध धीरे-धीरे लंबे संघर्ष में बदलने लगा।
2024: ड्रोन और मिसाइलों का बढ़ता इस्तेमाल
2024 में जमीनी लड़ाई के साथ ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल बढ़ा। ऊर्जा संयंत्रों, सैन्य ठिकानों और शहरों पर हमलों ने आम नागरिकों के लिए खतरा बढ़ाया। UN के अनुसार 2024 में यूक्रेन में 2,088 नागरिक मारे गए और 9,138 घायल हुए।
2025: फिर बढ़ा मानवीय संकट
2025 युद्ध के सबसे कठिन वर्षों में शामिल रहा। संयुक्त राष्ट्र ने 2025 में 2,514 नागरिकों की मौत और 12,142 लोगों के घायल होने की पुष्टि की। यह 2024 की तुलना में कुल नागरिक हताहतों में 31 प्रतिशत और 2023 की तुलना में 70 प्रतिशत अधिक था। लंबी दूरी के मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ फ्रंटलाइन क्षेत्रों में भी संघर्ष तेज रहा।
2026: युद्ध का नया चरण
2026 में संघर्ष और जटिल हुआ। ड्रोन और लंबी दूरी के हमले युद्ध की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रहे। साल के पहले छह महीनों में यूक्रेन में 1,396 नागरिक मारे गए और 7,978 घायल हुए, जो 2025 की समान अवधि से 37 प्रतिशत अधिक था। जुलाई में स्थिति और गंभीर हुई। UN के अनुसार उस महीने 437 नागरिकों की मौत और 2,610 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई। जुलाई में नागरिक मौतों की संख्या मई 2022 के बाद सबसे ज्यादा रही।
अगस्त 2026: हमले जारी
अगस्त में भी रूस और यूक्रेन के बीच ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रहे। इस दौर में युद्ध का असर केवल जमीनी मोर्चे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ऊर्जा, व्यापार, बंदरगाह और समुद्री परिवहन भी संघर्ष से प्रभावित हुए।
सितंबर 2026: युद्ध अभी जारी
3 सितंबर 2026 तक रूस-यूक्रेन युद्ध का कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है। चार साल से ज्यादा समय में संघर्ष का स्वरूप जरूर बदल गया है—2022 की शुरुआती जमीनी कार्रवाई से लेकर 2026 के ड्रोन, मिसाइल और लंबी दूरी के हमलों तक।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि युद्ध की मानवीय कीमत लगातार बनी हुई है। UN के सत्यापित आंकड़े बताते हैं कि 2025 के बाद 2026 में भी नागरिकों पर संघर्ष का असर गंभीर बना हुआ है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चार साल से ज्यादा लंबा यह युद्ध कब खत्म होगा और रूस-यूक्रेन के बीच स्थायी शांति का रास्ता कब निकलेगा।
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