September 1, 2026 2:15 pm

निखिल कामत: स्कूल ड्रॉपआउट से Zerodha तक, फिर पॉडकास्टिंग में बनाई अलग पहचान

निखिल कामत Zerodha और पॉडकास्टिंग के सफर में

निखिल कामत आज भारत के चर्चित उद्यमियों और पॉडकास्ट होस्ट्स में शामिल हैं। उनकी यात्रा पारंपरिक करियर से काफी अलग रही हैकम उम्र में स्कूल छोड़ने से लेकर कॉल सेंटर में नौकरी करने, शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू करने और आगे चलकर अपने भाई नितिन कामत के साथ Zerodha जैसी बड़ी कंपनी खड़ी करने तक उनका सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा हैबिजनेस के बाद निखिल ने डिजिटल मीडिया की दुनिया में भी कदम रखा। उनके “WTF is” और “People by WTF” पॉडकास्ट ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। इन शो में बिजनेस, टेक्नोलॉजी, राजनीति, निवेश और जिंदगी से जुड़े विषयों पर लंबी और गहन बातचीत देखने को मिलती है

स्कूल छोड़ने से शेयर बाजार तक का सफर

निखिल कामत की शुरुआती जिंदगी पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था से अलग रही। उन्होंने कम उम्र में स्कूल छोड़ दिया था। 17 साल की उम्र में उन्होंने बेंगलुरु में कॉल सेंटर की नौकरी शुरू की, जहां उन्हें करीब ₹8,000-9,000 प्रति माह वेतन मिलता था।नौकरी के साथ ही उन्होंने शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू कीधीरे-धीरे उन्हें बाजार और निवेश की बारीकियों को समझने का मौका मिला। कम उम्र में हासिल किया गया यही अनुभव आगे चलकर उनके बिजनेस करियर की मजबूत नींव बना।19 साल की उम्र में उन्होंने हाई-नेट-वर्थ क्लाइंट्स के पोर्टफोलियो मैनेजमेंट से जुड़े काम की शुरुआत कीइसके बाद अपने भाई नितिन कामत के साथ मिलकर उन्होंने ब्रोकिंग बिजनेस की दिशा में कदम बढ़ाया।

 

Zerodha ने बदला ब्रोकिंग का तरीका

साल 2010 में निखिल और नितिन कामत ने Zerodha की शुरुआत की। कंपनी का उद्देश्य ट्रेडिंग को ज्यादा आसान और कम लागत वाला बनाना था।Zerodha की सबसे बड़ी खासियत उसका Bootstrapped Business Model रहा। यानी कंपनी ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए पारंपरिक वेंचर कैपिटल फंडिंग पर निर्भरता नहीं रखी। कंपनी ने अपने बिजनेस और मुनाफे के आधार पर लगातार विस्तार किया।समय के साथ Zerodha भारत के प्रमुख स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स में शामिल हो गया और निखिल कामत की पहचान एक सफल युवा उद्यमी के रूप में मजबूत होती गई।

बिजनेस के बाद निवेश की दुनिया में विस्तार

Zerodha की सफलता के बाद निखिल कामत का फोकस सिर्फ ब्रोकिंग तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने True Beacon के जरिए एसेट मैनेजमेंट के क्षेत्र में कदम रखा। यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ निवेशकों के लिए निवेश प्रबंधन से जुड़ा है।इसके अलावा उन्होंने Gruhas की सह-स्थापना की। यह शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स और नए बिजनेस मॉडल्स में निवेश पर केंद्रित वेंचर प्लेटफॉर्म है।इस तरह निखिल ने अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को ब्रोकिंग से आगे बढ़ाकर एसेट मैनेजमेंट, स्टार्टअप निवेश और वेंचर कैपिटल जैसे क्षेत्रों तक पहुंचाया।

Giving Pledge से जुड़कर लिया बड़ा संकल्प

साल 2023 में निखिल कामत ने The Giving Pledge पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत उन्होंने अपनी संपत्ति का 50 प्रतिशत हिस्सा परोपकारी कार्यों के लिए देने की प्रतिबद्धता जताई।इस पहल के जरिए निखिल ने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में योगदान करने की इच्छा व्यक्त की।

बिजनेस से पॉडकास्टिंग तक का सफर

बिजनेस की दुनिया में पहचान बनाने के बाद निखिल कामत ने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया। मार्च 2023 में “WTF is” पॉडकास्ट की शुरुआत हुई।शुरुआती दौर में शो में निखिल अपने दोस्तों और अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और दूसरे तेजी से बदलते विषयों पर बातचीत करते थे।इस पॉडकास्ट की खासियत इसका राउंडटेबल फॉर्मेट रहा। इसमें किसी एक व्यक्ति का इंटरव्यू लेने के बजाय एक ही विषय पर कई विशेषज्ञों को साथ बैठाकर चर्चा की जाती है। इससे दर्शकों को एक ही मुद्दे पर अलग-अलग नजरिए समझने का मौका मिलता है।बाद में इस मीडिया ब्रांड का विस्तार “People by WTF” के रूप में हुआ, जिसमें निखिल अलग-अलग क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों के साथ आमने-सामने लंबी बातचीत करते हैं।

आखिर क्यों सफल हुआ निखिल कामत का पॉडकास्ट?

1.बड़े और प्रभावशाली मेहमान

 

निखिल कामत के पॉडकास्ट की सबसे बड़ी खासियत उनके मेहमान हैं। शो में बिजनेस, टेक्नोलॉजी, राजनीति और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े कई बड़े नाम नजर आए हैं।इनमें बिल गेट्स, नरेंद्र मोदी, नंदन नीलेकणी और कुमार मंगलम बिड़ला जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।इन मेहमानों की वजह से शो को बड़े स्तर पर दर्शक मिले और पॉडकास्ट की पहुंच लगातार बढ़ती गई।

2.इंटरव्यू से ज्यादा बातचीत का अंदाज

 

निखिल की बातचीत पारंपरिक पत्रकारिता वाले इंटरव्यू से काफी अलग दिखाई देती है। वे कई बार खुद को एक जिज्ञासु श्रोता की भूमिका में रखते हैं और ऐसे सवाल पूछते हैं, जो आम दर्शक भी जानना चाहता है।उनका सहज और अनौपचारिक अंदाज मेहमानों को भी खुलकर अपनी बात रखने का अवसर देता है।

3.लंबे फॉर्मेट पर भरो

आज डिजिटल मीडिया में छोटे वीडियो और कुछ सेकंड की क्लिप्स का दौर है। इसके बावजूद निखिल कामत का पॉडकास्ट लंबी और गहन बातचीत पर केंद्रित है।लंबे फॉर्मेट का फायदा यह है कि किसी विषय को केवल सतही तौर पर समझाने के बजाय उसके पीछे की सोच, अनुभव, सफलता, असफलता और व्यक्तिगत नजरिए पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है।

4.बिजनेस से आगे जिंदगी की बात

निखिल के पॉडकास्ट केवल बिजनेस और पैसे तक सीमित नहीं रहते। बातचीत में करियर, असफलता, डर, व्यक्तिगत अनुभव, मानसिक दबाव, टेक्नोलॉजी और जीवन से जुड़े सवाल भी शामिल होते हैं।यही वजह है कि उनका कंटेंट केवल बिजनेस ऑडियंस तक सीमित नहीं रहता और अलग-अलग उम्र तथा रुचि वाले लोग भी इससे जुड़ते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पॉडकास्ट इंटरव्यू

जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निखिल कामत के “People by WTF” में पॉडकास्ट इंटरव्यू दिया। यह बातचीत करीब दो घंटे लंबी थी।इस दौरान प्रधानमंत्री के बचपन, शिक्षा, राजनीति, नेतृत्व, असफलताओं और व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।इस इंटरव्यू ने निखिल कामत के पॉडकास्ट को देशभर में और ज्यादा चर्चा में ला दिया और यह भी दिखाया कि भारत में पॉडकास्टिंग अब डिजिटल मीडिया के एक गंभीर और प्रभावशाली माध्यम के रूप में अपनी जगह बना रही है।

निखिल कामत की कहानी से क्या सीख मिलती है?

निखिल कामत की कहानी को केवल “स्कूल ड्रॉपआउट से अरबपति” की कहानी कहना उनके पूरे सफर को छोटा कर देता है।उनकी सफलता के पीछे कम उम्र में हासिल किया गया ट्रेडिंग अनुभव, बिजनेस को समझने की क्षमता, तकनीक का इस्तेमाल, जोखिम लेने की हिम्मत और लगातार नए क्षेत्रों में प्रयोग करने की सोच दिखाई देती है।Zerodha के जरिए उन्होंने वित्तीय सेवाओं में अपनी पहचान बनाई। True Beacon और Gruhas के जरिए निवेश की दुनिया में विस्तार किया और WTF is तथा People by WTF के जरिए डिजिटल मीडिया में अपनी अलग जगह बनाई।निखिल कामत का सफर यह बताता है कि आज के दौर में एक मजबूत व्यक्तिगत ब्रांड केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। बिजनेस, निवेश, टेक्नोलॉजी और मीडिया को सही तरीके से जोड़कर एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जा सकता है, जिसकी पहुंच करोड़ों लोगों तक हो।

 

 

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