October 7, 2026 4:44 am

रेवंत रेड्डी: छात्र राजनीति से तेलंगाना के मुख्यमंत्री तक का सफर

रेवंत रेड्डी तेलंगाना के मुख्यमंत्री

अनुमुला रेवंत रेड्डी तेलंगाना की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ नेता रेवंत रेड्डी ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और आगे चलकर क्षेत्रीय राजनीति, विधानसभा तथा लोकसभा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। लंबे राजनीतिक सफर के बाद 7 दिसंबर 2023 को उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। रेवंत रेड्डी का राजनीतिक सफर कई मायनों में अलग रहा है। उन्होंने अपने शुरुआती दौर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़कर संगठनात्मक और सार्वजनिक गतिविधियों का अनुभव हासिल किया। इसके बाद उन्होंने तेलुगू देशम पार्टी (TDP) में सक्रिय राजनीति की और बाद में कांग्रेस में शामिल होकर तेलंगाना में पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शुरुआती जीवन और राजनीति में रुचि

रेवंत रेड्डी का जन्म 8 नवंबर 1969 को कोंडागल क्षेत्र में हुआ। उनका पूरा नाम अनुमुला रेवंत रेड्डी है। छात्र जीवन से ही उनकी रुचि राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में रही। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत ABVP से की। छात्र संगठन से जुड़े रहने के दौरान उन्हें युवाओं के बीच काम करने, संगठनात्मक गतिविधियों को समझने और लोगों से सीधे संपर्क स्थापित करने का अवसर मिला। यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की आधारशिला बना।

TDP के साथ राजनीतिक सफर

ABVP से जुड़े रहने के बाद रेवंत रेड्डी ने तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के साथ अपनी सक्रिय राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाया। क्षेत्रीय राजनीति में काम करते हुए उन्होंने संगठन के स्तर पर अपनी पहचान बनाई और धीरे-धीरे जमीनी राजनीति में मजबूत पकड़ विकसित की।  उनके राजनीतिक सफर में 2007 में निर्दलीय विधान परिषद (MLC) सदस्य चुना जाना एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। इसके बाद उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति में अपनी भूमिका को और मजबूत किया। TDP के साथ काम करने के दौरान उन्हें क्षेत्रीय मुद्दों, संगठनात्मक गतिविधियों और स्थानीय स्तर की राजनीति का व्यापक अनुभव मिला। लगातार जनता के बीच सक्रिय रहने के कारण उनकी राजनीतिक पहचान भी मजबूत होती गई।

2017 में कांग्रेस में शामिल

रेवंत रेड्डी के राजनीतिक जीवन में बड़ा बदलाव 2017 में आया, जब उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन थामा। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने तेलंगाना में पार्टी संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम किया। कांग्रेस में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ती गई। संगठनात्मक क्षमता और आक्रामक राजनीतिक शैली के कारण वे धीरे-धीरे पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।

TPCC अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका

वर्ष 2021 में रेवंत रेड्डी को तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) का अध्यक्ष बनाया गया। यह उनके राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच कांग्रेस की राजनीतिक पकड़ बढ़ाने पर जोर दिया। उनके नेतृत्व में पार्टी ने सरकार और तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपना अभियान तेज किया। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले रेवंत रेड्डी कांग्रेस के प्रमुख चुनावी चेहरों में शामिल हो चुके थे। उन्होंने पार्टी के चुनावी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाने में सफलता हासिल की।

2023 में कांग्रेस की जीत और मुख्यमंत्री पद

2023 का तेलंगाना विधानसभा चुनाव रेवंत रेड्डी के राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। कांग्रेस ने चुनाव में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की और राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में पहुंची। चुनाव परिणामों के बाद रेवंत रेड्डी को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद 7 दिसंबर 2023 को उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके सामने राज्य के प्रशासन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करने की चुनौती रही। सरकार के सामने विकास, रोजगार, शिक्षा, कृषि, शहरी विकास और कल्याणकारी योजनाओं जैसे कई महत्वपूर्ण विषय रहे।

मुख्यमंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री के रूप में रेवंत रेड्डी ने प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व की एक नई भूमिका संभाली। छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर अब राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंच चुका था।
उनकी राजनीतिक शैली में संगठनात्मक सक्रियता, जमीनी संपर्क और सीधे संवाद को महत्वपूर्ण माना जाता है। अलग-अलग राजनीतिक दलों में काम करने के अनुभव ने उन्हें तेलंगाना की राजनीति के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर दिया।

रेवंत रेड्डी का राजनीतिक सफर एक नजर में

  • 8 नवंबर 1969: जन्म
  • छात्र जीवन: ABVP से राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत
  • 2007: निर्दलीय MLC निर्वाचित
  • 2017: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल
  • 2021: TPCC अध्यक्ष बने
  • 2023: कांग्रेस के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका
  • 7 दिसंबर 2023: तेलंगाना के मुख्यमंत्री बने

रेवंत रेड्डी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू होकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की कहानी है। ABVP से शुरुआती राजनीतिक अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने TDP के साथ सक्रिय राजनीति की और फिर कांग्रेस में शामिल होकर राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
2021 में TPCC अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को नेतृत्व दिया और 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता के बाद मुख्यमंत्री पद संभाला। उनका सफर यह दर्शाता है कि लंबे समय तक संगठन, चुनावी राजनीति और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने वाला नेता किस तरह राज्य की राजनीति के शीर्ष पद तक पहुंच सकता है।

Political Desk |  daily Insights

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