November 1, 2026 5:02 pm

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस 2026: अजीत जोगी से विष्णु देव साय तक, जानिए राजनीतिक सफर

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस 2026: अजीत जोगी, विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ का नक्शा और चित्रकोट जलप्रपात

भारत के मध्य-पूर्वी हिस्से में स्थित छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आदिवासी परंपराओं, प्राकृतिक संसाधनों, घने जंगलों और कृषि के लिए जाना जाता है। हर साल 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में आया और रायपुर को इसकी राजधानी बनाया गया।राज्य गठन के बाद से छत्तीसगढ़ ने राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक क्षेत्र में कई बदलाव देखे हैं। राज्य की यात्रा में अलग-अलग मुख्यमंत्रियों की भूमिका रही है। किसी ने प्रशासनिक व्यवस्था की नींव रखी, किसी ने लंबे समय तक सरकार का नेतृत्व किया, तो किसी ने कृषि और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के इस विशेष अवसर पर आइए जानते हैं राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तक के राजनीतिक सफर के बारे में।

छत्तीसगढ़: राज्य की स्थापना और पहचान

छत्तीसगढ़ का गठन 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत हुआ। राज्य की स्थापना के समय इसमें 16 जिले शामिल थे। समय के साथ प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार नए जिलों का गठन किया गया। छत्तीसगढ़ की पहचान केवल उसके राजनीतिक इतिहास तक सीमित नहीं है। इसे धान का कटोरा भी कहा जाता है, क्योंकि यहां धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे खनिज संसाधन भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा, यहां के वन, नदियां, प्राचीन पुरातात्विक स्थल और जनजातीय संस्कृति राज्य की विशिष्ट पहचान बनाते हैं।

1.अजीत जोगी: छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री

कार्यकाल: 1 नवंबर 2000 से 7 दिसंबर 2003

अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री थे। उनका जन्म वर्ष 1946 में वर्तमान छत्तीसगढ़ के पेंड्रा क्षेत्र में हुआ था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में काम किया। तत्कालीन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सुझाव पर उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। वे कांग्रेस से जुड़े और वर्ष 1986 से 1998 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। वर्ष 1998 में वे रायगढ़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ के गठन के साथ अजीत जोगी ने राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उनका कार्यकाल नए राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण था। वर्ष 2004 में एक दुर्घटना के बाद उनके शरीर का कमर के नीचे का हिस्सा प्रभावित हुआ, लेकिन वे राजनीति में सक्रिय रहे। वर्ष 2016 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ नामक पार्टी बनाई। 29 मई 2020 को उनका निधन हो गया।

2. डॉ. रमन सिंह: तीन लगातार कार्यकाल तक मुख्यमंत्री

कार्यकाल: 7 दिसंबर 2003 से 17 दिसंबर 2018

डॉ. रमन सिंह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने दिसंबर 2003 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पद संभाला और दिसंबर 2018 तक लगातार तीन कार्यकालों में राज्य सरकार का नेतृत्व किया। उनका राजनीतिक सफर कवर्धा के नगर निकाय से शुरू हुआ। इसके बाद वे मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने और वर्ष 1999 में लोकसभा पहुंचे। केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और कम कीमत पर चावल उपलब्ध कराने की योजनाओं की विशेष चर्चा रही। इसी संदर्भ में उन्हें लोकप्रिय रूप से “चावल वाले बाबा” कहा गया। उनके शासनकाल में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और नक्सलवाद से जुड़ी चुनौतियां प्रमुख मुद्दे रहे। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल समाप्त हुआ। वर्ष 2023 में भाजपा की जीत के बाद डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष बने।

3. भूपेश बघेल: कांग्रेस सरकार का नेतृत्व

कार्यकाल: 17 दिसंबर 2018 से 13 दिसंबर 2023

भूपेश बघेल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। उनका जन्म 23 अगस्त 1960 को दुर्ग क्षेत्र में हुआ। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत युवा कांग्रेस से की और वर्ष 1993 में पाटन विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक चुने गए। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद उन्होंने राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद उन्होंने 17 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके कार्यकाल में कृषि, किसानों की आय, धान खरीदी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनकल्याण से संबंधित योजनाएं राजनीतिक चर्चा के प्रमुख विषय रहे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद उनकी सरकार का कार्यकाल समाप्त हुआ। इसके बाद वे पाटन से विधायक के रूप में सक्रिय रहे। भूपेश बघेल का राजनीतिक सफर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के संगठनात्मक नेतृत्व और राज्य सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल से जुड़ा रहा।

4. विष्णु देव साय: छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री

कार्यकाल की शुरुआत: 13 दिसंबर 2023

विष्णु देव साय भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं। उनका जन्म 21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के बगिया गांव में एक किसान परिवार में हुआ। वे आदिवासी कंवर समुदाय से आते हैं। उन्होंने कुनकुरी के लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल से उच्चतर माध्यमिक स्तर तक शिक्षा प्राप्त की। उनका राजनीतिक सफर वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया के पंच बनने से शुरू हुआ। वर्ष 1990 में वे तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 1999 से 2014 तक लगातार चार लोकसभा चुनाव जीते। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्होंने इस्पात, खान तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालयों में राज्य मंत्री के रूप में काम किया। वे कई बार छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद विष्णु देव साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे राज्य के दूसरे आदिवासी मुख्यमंत्री हैं। उनके नेतृत्व में आदिवासी क्षेत्रों के विकास, ग्रामीण आजीविका, कृषि और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे विषय राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा: उपलब्धियां और चुनौतियां

छत्तीसगढ़ की राजनीतिक यात्रा के साथ राज्य के सामने विकास की कई संभावनाएं और चुनौतियां भी रही हैं। कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धान उत्पादन के साथ-साथ खनिज, बिजली और इस्पात उद्योग भी राज्य की आर्थिक गतिविधियों में योगदान देते हैं।
दूसरी ओर, दूरस्थ और वन क्षेत्रों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना लगातार महत्वपूर्ण रहा है। जनजातीय समुदायों के अधिकारों, वन संसाधनों के संरक्षण, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास तथा किसानों की जरूरतों जैसे विषय भी राज्य की नीतियों में अहम स्थान रखते हैं।स्थापना दिवस इन उपलब्धियों और चुनौतियों पर विचार करने के साथ-साथ राज्य के भविष्य की दिशा को समझने का अवसर भी है।

1 नवंबर 2000 को स्थापित छत्तीसगढ़ ने अपने राजनीतिक इतिहास में कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे हैं। पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने नए राज्य की प्रशासनिक शुरुआत की। डॉ. रमन सिंह ने लंबे समय तक सरकार का नेतृत्व किया। भूपेश बघेल के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने राज्य की कमान संभाली और विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार काम कर रही है। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस केवल एक राज्य के गठन की वर्षगांठ नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, प्राकृतिक संपदा, जनजातीय विरासत और विकास की आकांक्षाओं को याद करने का अवसर है। राज्य की आगे की यात्रा इस बात पर निर्भर करेगी कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों और दूरस्थ क्षेत्रों तक किस तरह पहुंचता है।

Daily Insights की ओर से छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

 1 नवंबर विशेष | Daily Insights 

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