October 24, 2026 2:43 pm

जे. पी. नड्डा : हिमाचल की राजनीति से केंद्रीय मंत्रिमंडल तक का सफर

जे. पी. नड्डा का जीवन परिचय और राजनीतिक सफर

भारतीय राजनीति में संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए पहचाने जाने वाले नेताओं में जगत प्रकाश नड्डा, जिन्हें जे. पी. नड्डा के नाम से जाना जाता है, एक प्रमुख नाम हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचा उनका सफर संगठन, संसदीय कार्य और सरकारी प्रशासन से जुड़ा रहा है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

जे. पी. नड्डा का जन्म 2 दिसंबर 1960 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उनके पिता का नाम नारायण लाल नड्डा और माता का नाम कृष्णा नड्डा है। उनके परिवार की जड़ें हिमाचल प्रदेश से जुड़ी हैं। उन्होंने पटना के सेंट जेवियर्स स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद पटना कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से कानून में स्नातक (एलएलबी) की डिग्री हासिल की। विद्यार्थी जीवन में उनकी रुचि खेलों में भी थी। उन्होंने बचपन में दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय जूनियर तैराकी चैंपियनशिप में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। शिक्षा पूरी करने के बाद वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हुए तथा भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर अपने राजनीतिक जीवन को आगे बढ़ाया।

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में शुरुआत

जे. पी. नड्डा पहली बार वर्ष 1993 में हिमाचल प्रदेश की बिलासपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। वर्ष 1998 में वे दोबारा विधानसभा पहुँचे। इस दौरान उन्होंने भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।वर्ष 1998 में प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने राज्य के प्रशासनिक और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में काम किया। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने राजनीति में अपनी सक्रियता बनाए रखी। वर्ष 2007 में वे फिर से बिलासपुर से विधायक चुने गए। इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार में उन्हें वन, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों की जिम्मेदारी मिली। राज्य स्तर पर मंत्री के रूप में उनके अनुभव ने आगे चलकर राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका के लिए आधार तैयार किया।

राज्यसभा और केंद्रीय राजनीति

वर्ष 2012 में जे. पी. नड्डा हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य चुने गए। संसद में उन्होंने विभिन्न समितियों से जुड़कर काम किया। वर्ष 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नियुक्त किया गया। उन्होंने नवंबर 2014 से मई 2019 तक इस पद पर कार्य किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनकी जिम्मेदारियों में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा संस्थानों और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित सरकारी नीतियों का संचालन शामिल था। इस भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रशासनिक और नीतिगत कार्यों का अनुभव दिया।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भूमिका

जून 2019 में जे. पी. नड्डा को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद 20 जनवरी 2020 को वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने अमित शाह के बाद यह जिम्मेदारी संभाली और जनवरी 2026 तक इस पद पर रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका में पार्टी संगठन का संचालन, राज्यों के नेतृत्व के साथ समन्वय और चुनावी तैयारियों की निगरानी शामिल रही। उनके कार्यकाल के दौरान पार्टी ने विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियाँ जारी रखीं। वर्ष 2024 में वे गुजरात से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए।

केंद्रीय मंत्री के रूप में वर्तमान जिम्मेदारियाँ

9 जून 2024 को जे. पी. नड्डा को केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री बनाया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए जिम्मेदार है। वहीं, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय रासायनिक उद्योग और उर्वरकों की उपलब्धता से संबंधित नीतियों तथा कार्यक्रमों पर काम करता है। 24 जून 2024 को उन्हें राज्यसभा में सदन का नेता भी नियुक्त किया गया। इस भूमिका में संसद के उच्च सदन में सरकारी पक्ष का प्रतिनिधित्व करना और संसदीय कार्यों के समन्वय में भाग लेना शामिल है।

व्यक्तिगत जीवन

जे. पी. नड्डा का विवाह 11 दिसंबर 1991 को मल्लिका नड्डा से हुआ। उनके दो बेटे हैं। व्यक्तिगत जीवन में परिवार के साथ-साथ उनका सार्वजनिक और संगठनात्मक कार्य भी प्रमुख रहा है।
जे. पी. नड्डा का राजनीतिक सफर हिमाचल प्रदेश की विधानसभा से शुरू होकर राज्यसभा, केंद्रीय मंत्रिमंडल और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुँचा है। राज्य सरकार में मंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्तमान में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री के रूप में उनकी भूमिका राष्ट्रीय नीतियों और प्रशासन से जुड़ी है। उनका जीवन परिचय भारतीय राजनीति में संगठनात्मक अनुभव और संसदीय जिम्मेदारियों के महत्व को समझने का अवसर देता है।

Political desk | daily Insights

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