October 23, 2026 1:27 pm

शिवराज सिंह चौहान: एक कृषक परिवार से केंद्रीय कृषि मंत्री तक का सफर

शिवराज सिंह चौहान: एक कृषक परिवार से केंद्रीय कृषि मंत्री तक का सफर

मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कई वर्षों तक कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री हैं। किसान परिवार में जन्म लेकर राज्य की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचना उनके सार्वजनिक जीवन की एक प्रमुख विशेषता है। उनके राजनीतिक सफर में संगठनात्मक जिम्मेदारियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों का विशेष स्थान रहा है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के जैत गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रेम सिंह चौहान और माता का नाम सुंदर बाई चौहान था। उनका परिवार कृषि से जुड़ा हुआ था, इसलिए ग्रामीण जीवन और किसानों की समस्याओं से उनका शुरुआती परिचय रहा।
उन्होंने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। वे एमए दर्शनशास्त्र में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी रहे। छात्र जीवन से ही उनकी रुचि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में थी। वर्ष 1975 में वे अपने विद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। आपातकाल के दौरान उन्होंने विरोध गतिविधियों में भाग लिया और कुछ समय के लिए भोपाल जेल में भी रहे।

राजनीति में प्रवेश और शुरुआती सफर

शिवराज सिंह चौहान वर्ष 1972 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े। आगे चलकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 1990 में वे मध्य प्रदेश की बुधनी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके अगले वर्ष, 1991 में, उन्होंने विदिशा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। उन्होंने 1996, 1998, 1999 और 2004 में भी लोकसभा चुनाव जीते। संसद में रहते हुए वे कृषि, ग्रामीण विकास और शहरी विकास से संबंधित समितियों के सदस्य रहे। वर्ष 2000 से 2002 तक उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। इन जिम्मेदारियों ने उन्हें संगठनात्मक राजनीति और संसदीय कार्यप्रणाली का अनुभव दिया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल

29 नवंबर 2005 को शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनका पहला कार्यकाल दिसंबर 2018 तक चला। इस दौरान वे 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों के बाद भी मुख्यमंत्री बने रहे। वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया। मार्च 2020 में मध्य प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद वे दोबारा मुख्यमंत्री बने और दिसंबर 2023 तक इस पद पर रहे। इस प्रकार उन्होंने राज्य में तीन अलग-अलग अवधियों में मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वे मध्य प्रदेश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल हैं। उनके कार्यकाल में महिलाओं, बालिकाओं, गरीब परिवारों और किसानों से संबंधित कई योजनाएँ लागू की गईं। लाड़ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और सामाजिक स्थिति को प्रोत्साहित करना था। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की गई। इसके अलावा गरीबों के लिए रियायती दर पर खाद्यान्न, श्रमिक परिवारों के लिए सहायता और बालिकाओं की शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम भी उनके शासनकाल की प्रमुख पहलों में शामिल रहे। इन योजनाओं के प्रभाव, लाभार्थियों तक पहुँच और आर्थिक स्थिरता को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा होती रही है। फिर भी, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रम उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल की प्रमुख पहचान बने।

भाजपा संगठन में भूमिका
मुख्यमंत्री बनने से पहले और बाद में शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा संगठन में कई जिम्मेदारियाँ संभालीं। वे मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे। वर्ष 2019 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। पार्टी के संगठनात्मक कार्यों और चुनावी गतिविधियों में उनकी भूमिका रही है।

केंद्रीय मंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए। 9 जून 2024 को उन्हें केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा ग्रामीण विकास मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। कृषि मंत्रालय के अंतर्गत किसानों की आय, कृषि उत्पादन, फसल संबंधी योजनाओं और कृषि क्षेत्र के विकास जैसे विषय आते हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आवास, बुनियादी सुविधाओं और आजीविका से संबंधित कार्यक्रमों पर काम करता है। इन मंत्रालयों की जिम्मेदारियाँ उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और ग्रामीण मुद्दों से जुड़ाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।

व्यक्तिगत जीवन

शिवराज सिंह चौहान का विवाह साधना सिंह चौहान से वर्ष 1992 में हुआ। उनके दो बेटे हैं। सार्वजनिक जीवन में वे अक्सर किसानों, ग्रामीण परिवारों और महिलाओं से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखते रहे हैं। उन्हें मध्य प्रदेश में लोकप्रिय रूप से ‘मामा’ भी कहा जाता है। शिवराज सिंह चौहान का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों से शुरू होकर मुख्यमंत्री पद और केंद्रीय मंत्रिमंडल तक पहुँचा है। मध्य प्रदेश में उनके लंबे कार्यकाल के दौरान महिलाओं, बालिकाओं, किसानों और गरीब परिवारों से संबंधित योजनाएँ उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा बनीं। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में अब उनकी जिम्मेदारी किसानों की जरूरतों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की है।

Political Desk | daily Insights 

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