September 11, 2026 5:24 pm

सुखविंदर सिंह सुक्खू: संघर्ष से सत्ता तक का राजनीतिक सफर

सुखविंदर सिंह सुक्खू: संघर्ष से सत्ता तक का राजनीतिक सफर

सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश की राजनीति के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े सुक्खू ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और धीरे-धीरे संगठन, नगर निकाय और विधानसभा की राजनीति में अपनी पहचान बनाई। 11 दिसंबर 2022 को उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। नादौन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सुक्खू का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर के संगठनात्मक काम से लेकर राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक कार्यकारी पद तक पहुंचने की कहानी है।

छात्र राजनीति से हुई शुरुआत

सुखविंदर सिंह सुक्खू का जन्म 27 मार्च 1964 को हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र में हुआ। उनके पिता हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम में बस चालक थे, जबकि उनकी मां गृहिणी थीं। कॉलेज के दिनों में ही सुक्खू की रुचि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में बढ़ने लगी थी। उन्होंने शिमला के संजौली स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज में छात्र प्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वे कॉलेज के महासचिव और अध्यक्ष भी रहे। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई के दौरान भी वे छात्र राजनीति से जुड़े रहे। यही शुरुआती अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की मजबूत नींव बना।

NSUI से कांग्रेस संगठन तक

सुक्खू ने कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के माध्यम से सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1989 से 1995 तक वे हिमाचल प्रदेश NSUI के अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने युवा कांग्रेस में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे पहले महासचिव और बाद में हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने संगठन के विभिन्न स्तरों पर कार्य किया और राज्य की राजनीति में अपनी पहचान मजबूत की।

नगर राजनीति से विधानसभा तक

राजनीतिक संगठन में सक्रिय रहने के साथ सुक्खू ने स्थानीय राजनीति में भी काम किया। वे शिमला नगर निगम के पार्षद रहे और लगातार दो कार्यकाल तक स्थानीय निकाय का हिस्सा बने। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर विधानसभा तक पहुंचा। वर्ष 2003 में उन्होंने पहली बार नादौन विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद वे कई बार इसी क्षेत्र से विधायक चुने गए। विधानसभा में रहते हुए उन्होंने कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक सहित विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और कई विधानसभा समितियों में भी काम किया।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष

सुक्खू के राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव तब आया जब उन्हें हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने वर्ष 2013 से 2019 तक राज्य कांग्रेस संगठन का नेतृत्व किया। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को मजबूत करने और पार्टी की गतिविधियों को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। लंबे समय तक संगठन में काम करने के कारण उन्हें कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं और पार्टी ढांचे की अच्छी समझ रखने वाला नेता माना गया।

2022 में मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में वर्ष 2022 महत्वपूर्ण रहा। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा हुई। अंततः 10 दिसंबर 2022 को सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री के लिए चुना गया। इसके अगले दिन, 11 दिसंबर 2022 को उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर राज्य के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा।

मुख्यमंत्री के रूप में शुरुआती फैसले

मुख्यमंत्री बनने के बाद सुक्खू सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए वादों को लागू करने की दिशा में कदम उठाए। उनके पहले मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठकों में से एक में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने का फैसला लिया गया।  सरकार के इस निर्णय से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत आने वाले राज्य के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ देने की दिशा में कदम उठाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इससे लगभग 1.36 लाख NPS कर्मचारियों को लाभ मिलने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री के रूप में सुक्खू ने वित्त, सामान्य प्रशासन, गृह, योजना और कार्मिक जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी अपने पास रखी।

नादौन से शिमला तक राजनीतिक पहचान

सुखविंदर सिंह सुक्खू की राजनीतिक पहचान की सबसे खास बात उनका लंबे समय तक नादौन विधानसभा क्षेत्र से जुड़ाव रहा है। छात्र राजनीति, नगर निकाय, युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस संगठन और विधानसभा—इन सभी स्तरों पर काम करने के बाद वे मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे। उनका सफर यह भी दिखाता है कि भारतीय राजनीति में संगठनात्मक अनुभव और लंबे समय तक जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना किसी नेता के राजनीतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

राजनीतिक सफर: एक नजर में

  • 27 मार्च 1964: हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश में जन्म
  • 1980 के दशक: छात्र राजनीति में सक्रिय
  • 1989–1995: हिमाचल प्रदेश NSUI अध्यक्ष
  • 1993–2003: शिमला नगर निगम में पार्षद
  • 2003: पहली बार नादौन से विधायक बने
  • 2007: दोबारा विधानसभा पहुंचे
  • 2013–2019: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष
  • 2017: नादौन से विधायक निर्वाचित
  • 2022: चौथी बार नादौन से विधायक निर्वाचित
  • 11 दिसंबर 2022: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने

सुखविंदर सिंह सुक्खू का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू होकर संगठन, स्थानीय निकाय और विधानसभा की राजनीति से गुजरते हुए मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा। लंबे समय तक कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहने और नादौन से लगातार राजनीतिक जुड़ाव ने उनकी पहचान को मजबूत किया। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल प्रशासन, सरकारी कर्मचारियों से जुड़े फैसलों और राज्य की विकास प्राथमिकताओं के कारण हिमाचल प्रदेश की समकालीन राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

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