September 8, 2026 4:18 pm

प्रमोद सावंत: डॉक्टर से गोवा के मुख्यमंत्री तक का राजनीतिक सफर

प्रमोद सावंत: डॉक्टर से गोवा के मुख्यमंत्री तक का राजनीतिक सफर

प्रमोद पांडुरंग सावंत गोवा की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हैं और मार्च 2019 से गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं। वे गोवा विधानसभा में सांकेलिम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और 2012 से इस सीट से विधायक हैं। मुख्यमंत्री बनने से पहले सावंत ने विधायक और गोवा विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। राजनीति में आने से पहले वे आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र से जुड़े रहे। उनका राजनीतिक सफर स्थानीय स्तर से शुरू होकर गोवा के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

प्रमोद सावंत का जन्म 24 अप्रैल 1973 को गोवा के पाली-कोठांबी क्षेत्र में हुआ था। उनके पिता का नाम पांडुरंग सावंत था। उन्होंने गंगा एजुकेशन सोसाइटी के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, कोल्हापुर से बैचलर ऑफ आयुर्वेद, मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने तिलक महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, पुणे से मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) की पढ़ाई पूरी की। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उनका पेशेवर जुड़ाव चिकित्सा क्षेत्र से रहा। बाद में सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ती गई और उन्होंने सक्रिय राजनीति को अपना क्षेत्र बनाया।

राजनीति में शुरुआती कदम

प्रमोद सावंत ने चुनावी राजनीति में अपना पहला प्रयास 2008 के पाले विधानसभा उपचुनाव से किया। उन्होंने BJP के टिकट पर चुनाव लड़ा, हालांकि इस चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों को जारी रखा और वर्ष 2012 में सांकेलिम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की और पहली बार गोवा विधानसभा पहुंचे। यहीं से उनके राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण शुरू हुआ। उन्होंने विधानसभा में अपनी भूमिका मजबूत की और पार्टी संगठन में भी सक्रिय रहे।

विधायक से विधानसभा अध्यक्ष तक

वर्ष 2017 के गोवा विधानसभा चुनाव में प्रमोद सावंत एक बार फिर सांकेलिम से निर्वाचित हुए। इस चुनाव के बाद उन्हें गोवा विधानसभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। 22 मार्च 2017 को उन्होंने गोवा विधानसभा के अध्यक्ष का पद संभाला। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल उनके राजनीतिक अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। वर्ष 2022 में उन्होंने सांकेलिम से लगातार तीसरी विधानसभा जीत दर्ज की। हालांकि इस बार मुकाबला पहले के चुनावों की तुलना में काफी करीबी रहा और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 666 मतों के अंतर से हराया।

मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की कहानी

गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद मार्च 2019 में मुख्यमंत्री पद रिक्त हुआ। इसके बाद BJP विधायक दल ने प्रमोद सावंत को अपना नेता चुना। 19 मार्च 2019 को प्रमोद सावंत ने गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री बनने के साथ ही उनके सामने राज्य में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आई। इसके बाद उन्होंने गोवा की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत की और BJP के नेतृत्व में सरकार का संचालन जारी रखा।

2022 में दोबारा सरकार का नेतृत्व

2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में BJP ने राज्य में मजबूत प्रदर्शन किया। प्रमोद सावंत ने सांकेलिम सीट से लगातार तीसरी बार जीत हासिल की और चुनाव के बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। इस तरह उन्होंने विधायक के रूप में अपने क्षेत्र में लगातार राजनीतिक समर्थन बनाए रखा और राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में भी अपनी भूमिका जारी रखी।

राजनीति के साथ सामाजिक जुड़ाव

प्रमोद सावंत का सार्वजनिक जीवन केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहा है। उनके राजनीतिक जीवन में सामाजिक गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों की भी भूमिका रही है। युवा अवस्था से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा BJP संगठन के साथ उनकी सक्रियता ने उनके राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके पारिवारिक जीवन की बात करें तो उनका विवाह सुलक्षणा सावंत से हुआ है, जो शिक्षा और BJP के महिला संगठन से भी जुड़ी रही हैं। दंपति की एक बेटी है।

मुख्यमंत्री के रूप में भूमिका

गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में प्रमोद सावंत के सामने पर्यटन, बुनियादी ढांचा, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय हैं। गोवा की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण पर्यटन क्षेत्र का विकास और उसके साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना राज्य सरकार के लिए प्रमुख विषयों में शामिल है। इसके अलावा राज्य में बेहतर बुनियादी सुविधाएं और नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकताओं में रहा है।

राजनीतिक सफर: एक नजर में

  • 24 अप्रैल 1973: गोवा में जन्म
  • 2008: पाले विधानसभा उपचुनाव लड़ा
  • 2012: सांकेलिम से पहली बार विधायक बने
  • 2017: दोबारा विधायक निर्वाचित और विधानसभा अध्यक्ष बने
  • 19 मार्च 2019: पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने
  • 2022: सांकेलिम से तीसरी बार विधायक निर्वाचित
  • 2022: दोबारा मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली

प्रमोद सावंत की राजनीतिक यात्रा एक ऐसे नेता की कहानी है, जिसने चिकित्सा क्षेत्र से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे विधायक, विधानसभा अध्यक्ष और फिर गोवा के मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे। 2008 के चुनावी प्रयास से लेकर 2012 में पहली विधानसभा जीत और 2019 में मुख्यमंत्री बनने तक उनके राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पड़ाव आए। इसके बाद 2022 में विधानसभा चुनाव जीतकर उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी भूमिका जारी रखी।

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