October 25, 2026 2:04 pm

प्रह्लाद जोशी : राजनीतिक सफर, केंद्रीय मंत्री के रूप में योगदान

प्रह्लाद जोशी का जीवन परिचय और राजनीतिक सफर

भारतीय राजनीति में प्रह्लाद वेंकटेश जोशी भारतीय जनता पार्टी के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने कर्नाटक की राजनीति से शुरुआत करके राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। वे लंबे समय से धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संसदीय कार्य, कोयला, खान, खाद्य वितरण, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों से जुड़ा उनका राजनीतिक सफर प्रशासनिक और विधायी जिम्मेदारियों से भरा रहा है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को तत्कालीन मैसूर राज्य के बीजापुर, वर्तमान कर्नाटक, में हुआ था। उनके पिता का नाम वेंकटेश जोशी और माता का नाम मालतीबाई जोशी था। उनके पिता भारतीय रेलवे में कर्मचारी थे। प्रह्लाद जोशी अपने माता-पिता की तीसरी संतान हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल में पढ़ाई की और आगे की शिक्षा के लिए श्री कदसिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज, हुबली में प्रवेश लिया। विद्यार्थी जीवन से ही उनकी रुचि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में रही। आगे चलकर वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और भारतीय जनता पार्टी के संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने लगे।

सामाजिक गतिविधियों से राजनीति तक

प्रह्लाद जोशी को कर्नाटक में सार्वजनिक पहचान वर्ष 1992 से 1994 के बीच हुबली के ईदगाह मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराने से जुड़े आंदोलन के दौरान मिली। इस आंदोलन में तिरंगे को फहराने का मुद्दा प्रमुख रहा। इसी अवधि में उन्होंने कश्मीर से संबंधित मुद्दों पर चलाए गए ‘सेव कश्मीर मूवमेंट’ में भी भाग लिया। इन गतिविधियों के बाद वे भारतीय जनता पार्टी के संगठन में आगे बढ़े और धारवाड़ जिले में पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। संगठनात्मक कार्यों ने उन्हें स्थानीय स्तर पर राजनीतिक आधार बनाने और कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ने का अवसर दिया।

लोकसभा चुनाव और संसदीय सफर

वर्ष 2004 में प्रह्लाद जोशी पहली बार धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी जीत हासिल की। इस प्रकार वे लगातार पाँच बार धारवाड़ का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद बने। संसद में उन्होंने विभिन्न विधायी और संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्ष 2014 से 2018 के बीच वे लोकसभा के सभापति मंडल के सदस्य रहे। इसके अतिरिक्त उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। जुलाई 2012 से जनवरी 2016 तक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका राज्य में पार्टी संगठन के संचालन से जुड़ी रही।

केंद्रीय मंत्री के रूप में पहला कार्यकाल

मई 2019 में केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद प्रह्लाद जोशी को संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई। संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उनका काम संसद में सरकारी विधायी कार्यों और सदन की कार्यवाही के समन्वय से संबंधित था। उनके कार्यकाल के दौरान अनुच्छेद 370 से संबंधित संवैधानिक बदलाव और नागरिकता संशोधन अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विधायी विषय संसद में आए। इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच व्यापक बहस हुई और संसदीय प्रक्रिया में सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण रही। कोयला और खान मंत्रालयों में उनकी जिम्मेदारियों में खनिज संसाधनों, कोयला क्षेत्र और संबंधित नीतियों से जुड़े प्रशासनिक कार्य शामिल थे। जून 2024 में मंत्रिमंडल में बदलाव के बाद उन्होंने इन मंत्रालयों का कार्यभार छोड़ दिया।

खाद्य वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

जून 2024 में प्रह्लाद जोशी को उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का कार्य उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, आवश्यक वस्तुओं से संबंधित व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराने जैसी जिम्मेदारियों से जुड़ा है। वहीं, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने से संबंधित नीतियों पर काम करता है। इन दोनों मंत्रालयों की जिम्मेदारियाँ आम नागरिकों की आवश्यकताओं और देश की ऊर्जा संबंधी प्राथमिकताओं से जुड़ी हैं।

शिक्षा मंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी

प्रस्तुत स्रोत के अनुसार, जुलाई 2026 में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। यह घटनाक्रम राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 के प्रश्नपत्र लीक विवाद और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के कामकाज को लेकर उठी आलोचनाओं के बाद हुआ। शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियों में राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों, उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा से संबंधित केंद्रीय विषय शामिल हैं। इस नई भूमिका ने उनके केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्यक्षेत्र को और विस्तृत किया।

व्यक्तिगत जीवन और रुचियाँ

प्रह्लाद जोशी का विवाह ज्योति जोशी से 26 नवंबर 1992 को हुआ। उनकी तीन बेटियाँ हैं। राजनीति और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अतिरिक्त उन्हें पढ़ने, भारतीय शास्त्रीय संगीत सुनने और क्रिकेट में रुचि है। प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर कर्नाटक में सामाजिक गतिविधियों और भाजपा संगठन से शुरू होकर संसद तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल तक पहुँचा है। धारवाड़ से लगातार पाँच बार सांसद चुने जाने और विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने के कारण उनका सार्वजनिक जीवन संसदीय राजनीति और प्रशासन से जुड़ा रहा है। वर्तमान में उनके कार्यक्षेत्र में खाद्य वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। उनका जीवन परिचय भारतीय राजनीति में संगठनात्मक अनुभव और अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करता है।

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