November 4, 2026 7:37 pm

मनोहर लाल खट्टर : RSS प्रचारक से केंद्रीय मंत्री बनने तक का सफर

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर नारंगी जैकेट और सफेद कुर्ते में

मनोहर लाल खट्टर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और आगे चलकर हरियाणा के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने वर्ष 2014 से 2024 तक लगभग दस वर्षों तक मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वर्ष 2024 में करनाल लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। वर्तमान में वे केंद्र सरकार में केंद्रीय विद्युत मंत्री और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा संगठनात्मक कार्यों, हरियाणा में भाजपा के विस्तार और राज्य तथा केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने से जुड़ी रही है।

प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि

मनोहर लाल खट्टर का जन्म 5 मई 1954 को निंदाना गांव, तत्कालीन पूर्वी पंजाब में हुआ था। उनका परिवार विभाजन के बाद पश्चिमी पंजाब के झंग जिले से भारत आया था। उनके पिता हरबंस लाल खट्टर ने परिवार के साथ रोहतक जिले के बनियानी गांव में रहकर खेती-बाड़ी की।खट्टर का बचपन सामान्य पारिवारिक परिस्थितियों में बीता। उन्होंने शुरुआती शिक्षा के बाद रोहतक के पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय महाविद्यालय से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे दिल्ली चले गए। यहां उन्होंने अपने रिश्तेदारों के साथ सदर बाजार के पास कपड़े की दुकान पर काम किया और पढ़ाई भी जारी रखी।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी रुचि बढ़ती गई।

RSS से राजनीतिक जीवन की शुरुआत

मनोहर लाल खट्टर वर्ष 1977 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े। लगभग तीन वर्ष बाद वे पूर्णकालिक प्रचारक बन गए। उन्होंने करीब 17 वर्षों तक प्रचारक के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने संगठन निर्माण, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और जमीनी स्तर पर जनसंपर्क का अनुभव प्राप्त किया। वर्ष 1994 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। इसके बाद उन्हें हरियाणा में पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2000 से 2014 तक उन्होंने भाजपा की हरियाणा इकाई में संगठन महामंत्री के रूप में काम किया। इस दौरान राज्य में पार्टी का संगठनात्मक विस्तार उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहा। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा की हरियाणा चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया। बाद में वे भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी बने।

2014 में बने हरियाणा के मुख्यमंत्री

वर्ष 2014 का विधानसभा चुनाव मनोहर लाल खट्टर के राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। भाजपा ने उन्हें करनाल विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की और हरियाणा में भाजपा को पहली बार अपने दम पर बहुमत मिला। 26 अक्टूबर 2014 को मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव और सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। सरकारी कामकाज में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना भी उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा।

दूसरी बार मुख्यमंत्री बने, JJP के साथ बनाई सरकार

वर्ष 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। इसके बाद पार्टी ने जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ गठबंधन किया। 27 अक्टूबर 2019 को मनोहर लाल खट्टर ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। दुष्यंत चौटाला को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। दूसरे कार्यकाल के दौरान सरकार को रोजगार, किसान मुद्दों, प्रशासनिक फैसलों और गठबंधन के भीतर समन्वय जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मार्च 2024 में भाजपा और JJP के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे पर मतभेद सामने आए। इसके बाद 12 मार्च 2024 को खट्टर ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अगले दिन उन्होंने विधानसभा की सदस्यता भी छोड़ दी। इसके बाद नायब सिंह सैनी हरियाणा के नए मुख्यमंत्री बने।

मुख्यमंत्री रहते हुए प्रमुख पहल

मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री कार्यकाल में प्रशासनिक सुधार और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।

1. ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाएं

सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर और डिजिटल माध्यमों का विस्तार किया गया। सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया गया। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना था।

2. संगठित अपराध पर नियंत्रण

उनकी सरकार के कार्यकाल में हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण कानून लागू किया गया। इसका उद्देश्य संगठित आपराधिक गिरोहों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को मजबूत करना था।

3. महिला सशक्तीकरण

खट्टर सरकार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के क्रियान्वयन पर जोर दिया। हरियाणा में बाल लिंगानुपात एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा रहा है। इस दिशा में जागरूकता और सुधार के प्रयास किए गए।

2024 में करनाल से लोकसभा चुनाव जीता

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा ने मनोहर लाल खट्टर को 2024 के लोकसभा चुनाव में करनाल संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर लोकसभा में प्रवेश किया। उनका सांसद के रूप में कार्यकाल 4 जून 2024 से शुरू हुआ। लगभग दस वर्षों तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहने के बाद संसद पहुंचना उनके राजनीतिक सफर का एक नया चरण था।

केंद्र सरकार में विद्युत और आवासन मंत्री

10 जून 2024 को मनोहर लाल खट्टर ने केंद्र सरकार में दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। उन्हें केंद्रीय विद्युत मंत्री और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री बनाया गया। विद्युत मंत्रालय देश में बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी नीतियों पर काम करता है। वहीं, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन और संबंधित सरकारी योजनाओं की जिम्मेदारी संभालता है। अप्रैल 2026 में केंद्रीय विद्युत मंत्री के रूप में उन्होंने भूटान का दौरा किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और संयुक्त पनबिजली परियोजनाओं, विशेषकर पुनात्सांगछू परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।

विवाद और सार्वजनिक आलोचना

मनोहर लाल खट्टर के राजनीतिक जीवन में कुछ बयान विवादों का कारण भी बने। वर्ष 2014 के चुनाव अभियान के दौरान महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर की गई उनकी टिप्पणी की आलोचना हुई। वर्ष 2018 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर दिए गए बयान पर भी विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई। अप्रैल 2023 में उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश को लेकर की गई टिप्पणी भी राजनीतिक विवाद का विषय बनी। विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए और न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दे उठाए।

मनोहर लाल खट्टर का राजनीतिक सफर

RSS के पूर्णकालिक प्रचारक से लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता, हरियाणा के दो बार मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने तक मनोहर लाल खट्टर का राजनीतिक सफर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से गुजरा है। वर्ष 2014 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने लगभग दस वर्षों तक हरियाणा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2024 में करनाल से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनकी जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ गई। वर्तमान में वे विद्युत और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के माध्यम से केंद्र सरकार में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

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