August 20, 2026 5:40 pm

मोदी सरकार का Gen Z Outreach: ‘One Day, One University’ के जरिए छात्रों से सीधे संवाद की तैयारी

One Day One University पहल के तहत छात्रों से संवाद करते केंद्रीय मंत्री

नई दिल्ली, (PTI के हवाले से) 19 अगस्त 2026: केंद्र सरकार देश के युवा वर्ग, विशेष रूप से Gen Z, के साथ सीधे संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल की योजना बना रही है। प्रस्तावित ‘One Day, One University’ कार्यक्रम के तहत हर दिन एक केंद्रीय मंत्री किसी एक विश्वविद्यालय का दौरा कर विद्यार्थियों से मुलाकात करेंगे, उनकी चिंताओं और विचारों को समझेंगे तथा देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को जानेंगे।

छात्रों से सीधे संवाद पर रहेगा फोकस

इस पहल का उद्देश्य केवल विश्वविद्यालयों का दौरा करना नहीं, बल्कि छात्रों के साथ सीधा और सार्थक संवाद स्थापित करना है। केंद्रीय मंत्री विद्यार्थियों के साथ विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे तथा उनकी राय और अनुभव सुनेंगे।  इसके अलावा, छात्रों को केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी। खासतौर पर युवाओं और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध योजनाओं, अवसरों और सरकारी पहलों के बारे में उन्हें जागरूक करने पर जोर रहेगा।

‘One Day, One University’ कार्यक्रम क्या है?

प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत एक केंद्रीय मंत्री को प्रतिदिन एक निर्धारित विश्वविद्यालय का दौरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहां मंत्री छात्रों के साथ बातचीत करेंगे, उनके सवाल सुनेंगे और देश के सामने मौजूद विभिन्न मुद्दों पर उनकी राय जानेंगे।इस पहल के पीछे सरकार का उद्देश्य युवा पीढ़ी के साथ संवाद का ऐसा मंच तैयार करना है, जहां छात्रों की आवाज सीधे नीति-निर्माताओं तक पहुंच सके।

NEET पेपर लीक विवाद के बीच पहल

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देश में NEET पेपर लीक मुद्दे को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। ऐसे माहौल में विश्वविद्यालयों और छात्रों के बीच सीधे संवाद बढ़ाने की पहल को युवाओं की चिंताओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कार्यक्रम के समन्वय की जिम्मेदारी

कार्यक्रम के संचालन और विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालयों के साथ कार्यक्रमों का समन्वय किया जाएगा और अलग-अलग केंद्रीय मंत्रियों के दौरे निर्धारित किए जाएंगे।

देशभर के विश्वविद्यालयों तक पहुंच बनाने की योजना

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 1,300 विश्वविद्यालय हैं। इनमें 57 केंद्रीय विश्वविद्यालय और 522 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं, जबकि बाकी विश्वविद्यालय निजी अथवा डीम्ड विश्वविद्यालयों की श्रेणी में आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में विश्वविद्यालयों को ध्यान में रखते हुए यह पहल यदि व्यापक स्तर पर लागू होती है, तो केंद्र सरकार को देश के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों से सीधे संवाद करने का अवसर मिल सकता है।

सरकार और युवाओं के बीच संवाद की नई कोशिश

भारत की बड़ी युवा आबादी को देखते हुए विश्वविद्यालय युवाओं तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ‘One Day, One University’ कार्यक्रम के जरिए सरकार छात्रों की शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, भविष्य की आकांक्षाओं और देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनकी राय समझने का प्रयास कर सकती है।

साथ ही, विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं और उपलब्ध अवसरों की जानकारी सीधे केंद्रीय मंत्रियों के माध्यम से मिलने की संभावना है।निष्कर्ष ‘One Day, One University’ कार्यक्रम केंद्र सरकार और युवा पीढ़ी के बीच संवाद को मजबूत करने की एक प्रस्तावित पहल है। इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि छात्रों की समस्याओं और सुझावों को केवल सुना ही नहीं जाता, बल्कि उनके आधार पर प्रभावी कदम भी उठाए जाते हैं।

यदि यह पहल प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो विश्वविद्यालयों में होने वाला सीधा संवाद सरकार को Gen Z की बदलती अपेक्षाओं को समझने और युवाओं को नीति-निर्माण की प्रक्रिया के करीब लाने में मदद कर सकता है।

—Daily Insights

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