डी. के. शिवकुमार भारतीय राजनीति के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं और वर्तमान में कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। उपलब्ध स्रोत के अनुसार उन्होंने 3 जून 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले वे कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
शुरुआती जीवन और शिक्षा
डी. के. शिवकुमार का जन्म 15 मई 1962 को कर्नाटक के कनकपुरा क्षेत्र के डोड्डालहल्ली गांव में हुआ था। उनके माता-पिता का नाम केम्पेगौड़ा और गौ्राम्मा बताया गया है। उन्होंने बेंगलुरु के विभिन्न स्कूलों से शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्री जगद्गुरु रेणुकाचार्य कॉलेज से बीए किया। वर्ष 2006 में उन्होंने कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी से एमए की पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन से ही उनकी रुचि राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में दिखाई देने लगी थी। यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक सफर की मजबूत नींव बना।
राजनीति में शुरुआती कदम
डी. के. शिवकुमार ने 1980 के दशक में छात्र नेता के रूप में राजनीति की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन में अपनी सक्रियता बढ़ाई और धीरे-धीरे पार्टी के प्रमुख नेताओं में अपनी जगह बनाई।उनका पहला बड़ा चुनावी पड़ाव 1989 में आया, जब उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सथानूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता। उस समय उनकी उम्र करीब 27 वर्ष थी। इसके बाद उन्होंने लगातार कई चुनावों में सफलता हासिल की।
विधानसभा की राजनीति में मजबूत पकड़
1989 के बाद शिवकुमार ने सथानूर से 1994, 1999 और 2004 में भी जीत दर्ज की। वर्ष 2008 में उन्होंने कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और इसके बाद 2013, 2018 और 2023 में भी इसी क्षेत्र से निर्वाचित हुए। लगातार चुनावी सफलता ने उन्हें कर्नाटक कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं में शामिल किया। विधानसभा में लंबे अनुभव के साथ उन्होंने राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली।
कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका
शिवकुमार की राजनीतिक पहचान केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रही। 2 जुलाई 2020 को उन्होंने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पद संभाला। इस जिम्मेदारी के दौरान उन्होंने राज्य में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और पार्टी की चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद 20 मई 2023 को शिवकुमार ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस दौरान उनके पास जल संसाधन और बेंगलुरु शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग भी रहे।
2026 में मुख्यमंत्री पद तक पहुंच
कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद शिवकुमार के राजनीतिक सफर में 3 जून 2026 को बड़ा बदलाव आया। उपलब्ध स्रोत के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पद से हटने के बाद डी. के. शिवकुमार ने कर्नाटक के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मुख्यमंत्री बनने के साथ ही छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका लंबा राजनीतिक सफर राज्य के सर्वोच्च निर्वाचित पद तक पहुंच गया।
संगठन से सत्ता तक का सफर
डी. के. शिवकुमार की राजनीतिक यात्रा की खासियत यह है कि उन्होंने संगठन, विधानसभा और सरकार—तीनों स्तरों पर लंबे समय तक काम किया। छात्र नेता से विधायक, मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद अब वे मुख्यमंत्री की भूमिका में हैं। कर्नाटक की राजनीति में उनकी पहचान एक अनुभवी और प्रभावशाली कांग्रेस नेता के रूप में बनी है।
एक नजर में राजनीतिक सफर
- 15 मई 1962: कनकपुरा क्षेत्र में जन्म
- 1980 का दशक: छात्र राजनीति से सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत
- 1989: पहली बार विधानसभा चुनाव जीता
- 2008: कनकपुरा से विधानसभा चुनाव जीता
- 2020: कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने
- 2023: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री बने
- 3 जून 2026: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने
डी. के. शिवकुमार का राजनीतिक सफर कई दशकों के अनुभव और संगठनात्मक सक्रियता से बना है। छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले शिवकुमार ने लगातार चुनावी जीत, संगठन में जिम्मेदारियों और सरकार में महत्वपूर्ण भूमिकाओं के जरिए अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की। अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में उनका सफर एक नए चरण में पहुंच चुका है। उनका आगे का कार्यकाल राज्य की राजनीति और प्रशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाएगा।
व्यक्ति से व्यक्तित्व तक — Daily Insights










