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चंडीगढ़5 घंटे पहले

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कार्यक्रम की शुरुआत राग विश्वकौंस से हुई जिसमें सलिल ने राग देश, राग किरवाणी, राग जोग एवं राग भोपाली में निबद्ध रचनांए पेश की।

  • सेक्टर-35 स्थित प्राचीन कला केंद्र में शनिवार शाम कार्यक्रम को किया गया था आयोजित

कोविड 19 के सभी नियमों की पालना करते हुए अब शहर में स्टेज परफॉर्मेंसेस शुरू हो गई हैं। इसी के अंतर्गत शनिवार शाम प्राचीन कला केंद्र ने एमएल कौसर ऑडिटोरियम में डिस्टेंसिंग के नियमों के साथ ऑडियंस के लिए एक लाइव कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमें सात्विक वीणा वादक तंत्री सम्राट पंडित सलिल भट्ट ने परफॉर्म किया। इनके साथ राजस्थानी फोक म्यूजिक आर्टिस्ट कुतला खां ने परफॉर्म किया। कार्यक्रम में सैनिटाइजेशन, नो मास्क, नो एंट्री जैसे नियमों का सख्ती से पालन किया गया।

सलिल भट्ट जयपुर के जाने माने संगीतज्ञ परिवार से है। इनके पिता व गुरु पद्मश्री विश्वमोहन भट्ट स्वंय एक वीणा वादक हैं और ग्रामी अवॉर्ड विनर हैं। सलिल ने सात्विक वीणा की रचना की। देश ही नहीं विदेशों में भी भारतीय संगीत को नए आवाम देने में सलिल का विशेष योगदान है। दूसरी ओर कुतला खां उस्ताद बिस्मिल्लाह खां राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी से नवाजे गए हैं। कार्यक्रम की शुरुआत राग विश्वकौंस से हुई जिसमें सलिल ने राग देश, राग किरवाणी, राग जोग एवं राग भोपाली में निबद्ध रचनाएं पेश की।

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