रांची34 मिनट पहले

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रांची शहर समेत रातू के क्षेत्रों में दुर्गा पूजा को लेकर माहौल भक्तिमय हो गया है।

  • छिन्नमस्तिका मंदिर में श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंस का पालन कराने में पुलिस-प्रशासन को खासा मशक्त भी करनी पड़ी
  • सोमवार को रांची समेत आसपास के सभी पूजा पंडालों में स्थापित प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा

नवरात्रि के महानवमी पूजन को लेकर रविवार को सुबह से ही विभिन्न देवी मंदिर व पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। लोगों ने सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए माता का दर्शन कर उनकी पूजा की। इधर, सिद्धपीठ छिन्नमस्तिका मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से लगी रही। यहां श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंस का पालन कराने में पुलिस-प्रशासन को खासा मशक्त भी करनी पड़ी।

रातू किला में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है।

रातू किला में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है।

वहीं, रांची शहर समेत रातू के क्षेत्रों में दुर्गा पूजा को लेकर माहौल भक्तिमय हो गया है। पंडालों में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए श्रद्धालु मां के दर्शन कर रहे हैं। रातू किला में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है। यहां पर भक्तों का तांता लगा हुआ है। श्रद्धालु कतार में लग कर मुंह में मास्क लगाकर मां दुर्गा का दर्शन कर रहे हैं। किला के बाहर हर वर्ष लगने वाला मेला कोरोना के कारण इस बार नजर नहीं आया। सोमवार को रातू और आसपास के जितने भी पंडाल है, सभी पंडालों में स्थापित प्रतिमा का शाम में विसर्जन किया जाएगा।

नगर निगम ने अधिकतम तालाबों में जलकुंड बनवाया है।

नगर निगम ने अधिकतम तालाबों में जलकुंड बनवाया है।

प्रतिमाओं का विसर्जन तालाबों में बनाए गए जलकुंड में होगा
इधर, दुर्गा पूजा समापन के बाद प्रतिमा के विसर्जन के लिए रांची शहर के जलाशयों को तैयार कर दिया गया है। जलाशयों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए नगर निगम ने अधिकतम तालाबों में जलकुंड बनवाया है। पूजा समितियों से इसी जलकुंड में पूजन सामाग्री और कृत्रिम आभूषण विसर्जन की अपील की है। घरों में पूजा करने वाले वैसे लोग जो तालाब में पूजन सामाग्री का विसर्जन करते हैं, उनसे भी जलकुंड में ही सामाग्री विसर्जित करने की अपील की गई है। ताकि पूरा तालाब प्रदूषित ना हो।

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